69000 शिक्षक भर्ती विवाद: अभ्यर्थियों का आरोप—आरक्षण में गड़बड़ी, न्याय में देरी और विरोध पर सख्ती
उत्तर प्रदेश की 69000 शिक्षक भर्ती एक बार फिर विवादों में है। अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया है कि भर्ती प्रक्रिया में आरक्षण से जुड़ी गंभीर त्रुटियां हुईं, जिसे लेकर पिछड़ा वर्ग आयोग सहित न्यायालय की विभिन्न पीठों ने भी आपत्तियां दर्ज की हैं।
पीड़ित अभ्यर्थियों का कहना है कि पिछले 6 वर्षों से वे न्याय की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक उन्हें संतोषजनक समाधान नहीं मिला। उनका आरोप है कि मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है और सरकार की ओर से प्रभावी पक्ष नहीं रखा जा रहा, जिससे सुनवाई लगातार टलती रही है।
इस बीच, विरोध प्रदर्शन की तैयारी कर रहे कुछ अभ्यर्थियों को कथित तौर पर हाउस अरेस्ट किए जाने का मामला भी सामने आया है, जिस पर अभ्यर्थियों ने नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने पर इस तरह की कार्रवाई उचित नहीं है।
अभ्यर्थियों ने केंद्र और राज्य सरकार से मांग की है कि—
- आरक्षण से जुड़ी त्रुटियों को जल्द ठीक किया जाए
- लंबित मामले में प्रभावी पैरवी कर जल्द निर्णय कराया जाए
- पीड़ित अभ्यर्थियों को न्याय और उनका अधिकार दिलाया जाए
वहीं, इस पूरे मामले में सरकार या संबंधित अधिकारियों की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।
अब नजर इस बात पर है कि न्यायिक प्रक्रिया और सरकारी कदमों के जरिए इस लंबे समय से चल रहे विवाद का समाधान कब तक निकलता है।
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