लखनऊ, स्मार्ट मीटर लगने के बाद उपभोक्ताओं की बिजली खपत में 84 फीसदी तक इजाफे का साफ जवाब पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम नहीं दे सका है। बिजली दरों में सुनवाई के दौरान परिषद की आपत्ति के बाद नियामक आयोग ने पश्चिमांचल से बढ़ोतरी पर रिपोर्ट मांगी थी।
पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम ने नियामक आयोग को इसके पहले बताया था कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद उपभोक्ताओं की बिजली रीडिंग में इजाफा दर्ज किया जा रहा है। यह बढ़ोतरी छोटी नहीं बल्कि औसतन 84 प्रतिशत है। इस बेतहाशा बढ़ोतरी पर नियामक आयोग ने पश्चिमांचल से जवाब मांगा था। पश्चिमांचल में 27 जनवरी तक कुल 11,91,440 स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं, जिनमें से 9,56,744 प्रीपेड मोड में काम कर रहे हैं। इन उपभोक्ताओं के यहां जब पहले गैर स्मार्ट मीटर लगे थे तब जुलाई से दिसंबर 2024 के बीच प्रति उपभोक्ता औसतम मासिक खपत 118.94 यूनिट थी। वहीं, जब इनके घरों में स्मार्ट मीटर लग गए तो बिजली की औसत मासिक खपत प्रति उपभोक्ता बढ़कर 219.15 यूनिट हो गई। इस बढ़ोतरी पर नियामक आयोग द्वारा पूछा गए सवाल पर पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम ने जवाब दाखिल कर दिया है। पश्चिमांचल ने बढ़ोतरी पर बताया कि आंतरिक स्तर पर रिपोर्ट मंगाई गई है, लेकिन अब तक कोई ठोस उत्तर नहीं मिला है।
आयोग बढ़ी खपत की करवाए पड़ताल : परिषद
विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने नियामक आयोग से इस बढ़ोतरी की गहन पड़ताल करवाने की मांग की है। बढ़ोतरी पर पश्चिमांचल द्वारा ठोस जवाब न दिया जाना इस बात का संकेत है कि प्रबंधन के पास ठोस जानकारी ही नहीं है। केवल इतना कह देने कि स्मार्ट मीटरों के सैंपल का परीक्षण सीपीआरआई में कराया जा रहा है, समाधान नहीं होता है।
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