एडेड (अशासकीय सहायता प्राप्त) माध्यमिक स्कूलों के कार्यवाहक प्रधानाचार्य जल्द ही नियमित प्रधानाचार्यों के समान वेतन पाने लगेंगे। शासन के कड़े रुख के बाद मंडल स्तर पर इसके लिए आदेश जारी होने शुरू हो गए हैं। मंगलवार को आजमगढ़ मंडल में संयुक्त शिक्षा निदेशक ने अपने मंडल के जिला विद्यालय निरीक्षकों को जिले के एडेड स्कूल प्रबन्धनों से तत्काल प्रस्ताव मंगाने के निर्देश दिए हैं।
इसी प्रकार दो अन्य मंडलों के संयुक्त शिक्षा निदेशकों ने इस प्रकरण में एक दो दिनों के भीतर जिला विद्यालय निरीक्षकों को पत्र भेजकर उनके जिले से प्रस्ताव मंगाने के लिए पत्रावलियों पर सहमति दे दी है।
दरअसल, हाईकोर्ट ने समान कार्य के लिए समान वेतन दिए जाने का आदेश देते हुए कहा था कि यदि किसी वरिष्ठ शिक्षक के हस्ताक्षर प्रमाणित हो चुके हैं और वह कार्यवाहक प्रधानाचार्य के रूप में कार्य कर रहा है ▪️तो ऐसे शिक्षक को हस्ताक्षर प्रमाणन के तीन माह बाद से लेकर नियमित प्रधानाचार्य की नियुक्ति होने तक अथवा उसके सेवानिवृत्त होने तक, प्रधानाचार्य पद का पूर्ण वेतनमान दिया जाएगा। कोर्ट ने “समान कार्य के लिए समान वेतन” के सिद्धांत को आधार बनाते हुए माना कि जब कोई शिक्षक वास्तविक रूप से प्रधानाचार्य की जिम्मेदारियां निभा रहा है, तो उसे उस पद के अनुरूप वेतन मिलना ही चाहिए। न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रधानाचार्य का पद केवल प्रशासनिक न होकर मूलतः शैक्षिक प्रकृति का है, अतः यह सिद्धांत इस पद पर पूर्णतः लागू होता है।
Basic Shiksha Khabar | PRIMARY KA MASTER | SHIKSHAMITRA | Basic Shiksha News | Primarykamaster | Updatemarts | Primary Ka Master | Basic Shiksha News | Uptet News | primarykamaster | SHIKSHAMITRA





