नई दिल्ली, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की देशवासियों से पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने की अपील के बीच केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों में वृद्धि के संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा कि ईंधन के दाम में बढ़ोतरी को हमेशा नहीं रोका जा सकता।
हालांकि, पेट्रोलियम मंत्री ने भरोसा दिया कि पश्चिम एशिया संकट के बावजूद देश में कच्चे तेल, पीएनजी और एलपीजी की आपूर्ति को लेकर कोई चिंता नहीं है। भारतीय उद्योग परिसंघ के वार्षिक व्यापार शिखर सम्मेलन में पेट्रोलियम मंत्री ने कहा कि देश में आपूर्ति से जुड़ी कोई समस्या नहीं है। भारत के पास 60 दिनों का कच्चा तेल, दो माह की एलएनजी और 45 दिनों का एलपीजी भंडार है। एलपीजी के घरेलू उत्पादन में काफी वृद्धि हुई है।
तेल कंपनियों को भारी नुकसान : पुरी ने चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि कच्चे तेल के दाम ऊंचे बने रहे और कीमतों में बदलाव नहीं किया गया तो तेल कंपनियों को एक ही तिमाही में एक लाख करोड़ रुपये तक का नुकसान हो सकता है। ऐसे में यह आकलन करना होगा, कंपनियां कब तक लागत से कम दाम पर पेट्रोलियम पदार्थ बेच सकती हैं।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि बीते चार वर्षों में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बड़ा बदलाव नहीं हुआ है। मगर अब तेल कंपनियों को प्रतिदिन एक हजार करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है। हालांकि, उन्होंने कीमतों में वृद्धि की संभावना पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
मंत्रालय सूत्रों के अनुसार, पेट्रोल- डीजल के दाम में वृद्धि को ज्यादा दिन तक नहीं टाला जा सकता है। हालांकि, उन्होंने संकेत दिए कि इनकी कीमतों में एक साथ बड़ी वृद्धि के बजाए सरकार धीरे-धीरे दाम में वृद्धि कर सकती है। यह कब होगी, इसका निर्णय सरकार करेगी।
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