प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रयागराज के फूलपुर क्षेत्र से जुड़े एक मामले में महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा है कि आंगनबाड़ी केंद्र किस स्थान पर स्थापित होगा, इसका निर्णय जनहित याचिका के माध्यम से नहीं किया जा सकता।
खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि आंगनबाड़ी केंद्र के लिए स्थान चयन करना संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों का अधिकार क्षेत्र है और न्यायालय इसमें हस्तक्षेप नहीं करेगा, जब तक किसी सक्षम अदालत का स्पष्ट आदेश न हो।
मुख्य न्यायमूर्ति अरुण भंसाली एवं न्यायमूर्ति क्षितिज शैलेन्द्र की खंडपीठ ने यह टिप्पणी करते हुए जनहित याचिका को खारिज कर दिया। याचिका में ग्राम सभा क्षेत्र में प्रस्तावित आंगनबाड़ी केंद्र के स्थान को लेकर आपत्ति जताई गई थी।
याचिकाकर्ता की ओर से दलील दी गई कि चयनित भूमि विवादित है और वहां आंगनबाड़ी केंद्र बनाया जाना उचित नहीं है। इस पर अदालत ने कहा कि यदि भूमि को लेकर कोई वैधानिक विवाद लंबित है, तो उसका समाधान सक्षम न्यायालय में होगा, लेकिन केवल जनहित याचिका के आधार पर स्थान परिवर्तन का आदेश नहीं दिया जा सकता।
कोर्ट ने यह भी कहा कि जहां निर्माण कार्य प्रशासनिक स्वीकृति और नियमों के तहत किया जा रहा हो, वहां न्यायालय अनावश्यक हस्तक्षेप नहीं करेगा।
इस फैसले को प्रशासनिक अधिकारों और जनहित याचिकाओं की सीमाओं के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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