लखनऊ। परिषदीय विद्यालयों में 69 हजार शिक्षक भर्ती मामले में आज सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई पर अभ्यर्थियों की निगाहें टिकी हुई हैं। लंबे समय से न्याय की मांग कर रहे आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों ने बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह के आवास के बाहर प्रदर्शन कर अपनी नाराजगी जताई।
प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों ने दंडवत प्रणाम करते हुए धरना दिया और कहा कि वे पिछले छह वर्षों से न्याय के लिए संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका है। अभ्यर्थियों का कहना है कि मामले की अगली सुनवाई 19 मई को सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस मनमोहन की पीठ में होनी है, जिससे उन्हें काफी उम्मीदें हैं।
अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि सरकार कोर्ट में अपना पक्ष मजबूती से नहीं रख रही है, जिसके कारण लगातार तारीखें पड़ रही हैं और मामले का निस्तारण नहीं हो पा रहा है। उनका कहना है कि यदि सरकार प्रभावी ढंग से पैरवी करे तो मामले का जल्द समाधान संभव है।
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे धनंजय गुप्ता ने कहा कि राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की रिपोर्ट, मुख्यमंत्री द्वारा गठित जांच समिति की रिपोर्ट तथा लखनऊ हाईकोर्ट की डबल बेंच का फैसला अभ्यर्थियों के पक्ष में है। इसके बावजूद अभी तक उन्हें न्याय नहीं मिल पाया है।
अभ्यर्थियों ने सरकार से मांग की है कि मामले का शीघ्र समाधान कर योग्य अभ्यर्थियों को न्याय दिलाया जाए, ताकि वर्षों से चल रहा उनका संघर्ष समाप्त हो सके।
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