कानपुर, । सीबीएसई के ओएसएम (ऑन स्क्रीन मार्किंग) सिस्टम में खामियों को उजागर करने वाले झारखंड के छात्र सार्थक सिद्धांत को आईआईटी कानपुर ने नौकरी का प्रस्ताव दिया है।
अभी तक सार्थक की ओर से कोई जवाब नहीं आया है। वर्तमान में सार्थक देशभर में सीबीएसई-ओएसएम व्हिसलब्लोअर के रूप में चर्चित हैं। सार्थक के आरोपों के बाद केंद्र सरकार ने मामले की तकनीकी जांच की जिम्मेदारी आईआईटी कानपुर और आईआईटी मद्रास के चार वैज्ञानिकों को सौंपी थी। जांच में पाया गया कि ओएसएम पोर्टल में कई तकनीकी खामियां थीं और बुनियादी हैकिंग का ज्ञान रखने वाला व्यक्ति भी मास्टर पासवर्ड के जरिये डेटा से छेड़छाड़ कर सकता था। हालांकि, आईआईटी की जांच और सुरक्षा उपायों के बाद पोर्टल को दोबारा शुरू कर दिया गया है।
“सार्थक की प्रतिभा और तकनीकी समझ को देखते हुए उन्हें नौकरी का प्रस्ताव दिया गया है। उनके जवाब के बाद आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।”
* प्रो. मणींद्र अग्रवाल, निदेशक, आईआईटी कानपुर
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