प्रयागराज, । प्रदेश के 18 मंडल मुख्यालयों में स्थित राजकीय माध्यमिक स्कूलों में एक-एक ड्रीम लैब और तीन-तीन स्पोक लैब स्थापित किए जा रहे हैं। विद्यार्थियों में कौशल विकास के उद्देश्य से करोड़ों रुपये से बन रही प्रयोगशालाओं में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), इंटरनेट ऑफ थिंग्स, ड्रोन प्रौद्योगिकी, एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग, औद्योगिक रोबोटिक्स एवं ड्राइव मोशन कंट्रोल सिस्टम का प्रशिक्षण दिया जाना है।
उपग्रह आधारित कक्षा शिक्षण वाली इन अत्याधुनिक लैब में इंजीनियरिंग और कंप्यूटर के विषयों को पढ़ाने के लिए निजी कंपनियों से समझौता हुआ है और उनके विशेषज्ञ ही छात्र-छात्राओं को प्रशिक्षण देने आएंगे। राजकीय इंटर कॉलेज प्रयागराज में छह कमरों में बन रही लैब को ही लें। इसके नोडल शिक्षक विनय प्रकाश विज्ञान के शिक्षक हैं। अधिकांश समय ऑनलाइन प्रशिक्षण दिया जाएगा। हालांकि प्रयोगशालाओं के नियमित उपयोग के संबंध में कोई गाइडलाइन नहीं दी गई है।
चूंकि स्कूलों में कंप्यूटर या संबंधित विषयों के शिक्षक नहीं हैं। इसलिए अधिकांश समय लैब का किस तरह उपयोग होगा, यह भी नहीं बताया गया है। जिले में जीआईसी के अलावा तीन स्पोक लैब बन रही हैं। जीआईसी मुरवालपुर, मांडा में नोडल शिक्षक अमित श्रीवास्तव गणित विषय के हैं। पीडीडीयू राजकीय माध्यमिक इंटर कॉलेज समहन के नोडल शिक्षक पंकज कुमार भी गणित के हैं। केवल पीडीडीयू राजकीय माध्यमिक इंटर कॉलेज कमलानगर की नोडल शिक्षिका शिवानी ही कंप्यूटर विषय की हैं।
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