प्रयागराज। उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में छात्र-शिक्षक अनुपात (आरटीई मानकों) के आधार पर तैयार की गई सरप्लस शिक्षकों की सूची से जुड़े मामले में 20 जुलाई को इलाहाबाद हाईकोर्ट की डबल बेंच में सुनवाई होगी। प्रदेश भर में करीब 30 हजार शिक्षकों के सरप्लस घोषित होने और उनके समायोजन की प्रक्रिया पर इस सुनवाई का असर पड़ सकता है।
जानकारी के अनुसार, प्रदेश के 16,986 विद्यालयों में शिक्षकों की संख्या निर्धारित मानकों से अधिक पाई गई है। बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में लगभग 30 हजार शिक्षक सरप्लस चिह्नित किए गए हैं। इनमें प्राथमिक स्तर पर करीब 19 हजार और उच्च प्राथमिक स्तर पर लगभग 11 हजार शिक्षक शामिल हैं।
हाईकोर्ट के निर्देश पर बेसिक शिक्षा विभाग ने सभी 75 जिलों से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर सरप्लस शिक्षकों की सूची तैयार की है। इसी सूची के आधार पर संबंधित जिले के भीतर शिक्षकों का समायोजन किया जाना है।
गौरतलब है कि समायोजन संबंधी आदेश 14 नवंबर को जारी किया गया था, जबकि सरप्लस शिक्षकों की सूची दिसंबर में प्रकाशित की गई थी। इस सूची को चुनौती देते हुए शिक्षकों ने हाईकोर्ट में याचिकाएं दाखिल की थीं।
इससे पहले हाईकोर्ट की एकल पीठ ने डीएम की अध्यक्षता में गठित जिला समिति को शिक्षकों के प्रत्यावेदनों का निस्तारण करने के निर्देश दिए थे। अब मामले की अगली महत्वपूर्ण सुनवाई 20 जुलाई को डबल बेंच में होगी, जिस पर प्रदेश के हजारों शिक्षकों की नजरें टिकी हैं।
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