प्राथमिक स्कूलों में स्वीपर-चौकीदार के पद सृजन का प्रस्ताव विचाराधीन, हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में शासन स्तर पर चल रही कार्रवाई
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में प्राथमिक विद्यालयों में स्वीपर एवं चौकीदार के पद सृजन का प्रस्ताव शासन स्तर पर विचाराधीन है। यह मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में चल रही अवमानना याचिका से संबंधित है।
दस्तावेज के अनुसार, अवमानना याचिका संख्या-1722/2014, राम प्रसाद बनाम श्री हीरालाल गुप्ता व अन्य में हाईकोर्ट द्वारा 9 जनवरी 2026 को पारित आदेश के अनुपालन के संबंध में शासन की ओर से स्थिति स्पष्ट की गई है। राज्य पक्ष की ओर से न्यायालय को बताया गया कि पद सृजन के संबंध में आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
क्या था हाईकोर्ट का आदेश?
दस्तावेज में उद्धृत हाईकोर्ट के 29 मई 2013 के आदेश के अनुसार, संबंधित विद्यालयों में कार्यरत कर्मचारियों को नियमित Class-IV कर्मचारी के रूप में माना जाना तथा वेतनमान से संबंधित लाभ दिए जाने का निर्देश था। साथ ही प्राथमिक विद्यालयों में स्वीपर और चौकीदार आदि के पद सृजित करने के लिए आवश्यक कदम उठाने और पद सृजन के बाद नियमों के अनुसार नियमितीकरण पर विचार करने का निर्देश दिया गया था। यह पूरी प्रक्रिया आदेश की प्रमाणित प्रति प्रस्तुत किए जाने के बाद छह माह की अवधि में पूरी करने की बात कही गई थी।
पद सृजन को लेकर शासन में चल रही प्रक्रिया
शासन के पत्र में बताया गया है कि हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन के लिए शिक्षा निदेशक (बेसिक) द्वारा 23 जनवरी 2026 को प्राथमिक विद्यालयों में स्वीपर एवं चौकीदार आदि के पद सृजन से संबंधित प्रस्ताव उपलब्ध कराने को कहा गया था। इसके बाद शिक्षा निदेशक (बेसिक) के 25 जून 2026 के पत्र के माध्यम से प्रस्ताव उपलब्ध कराया गया।
प्रस्ताव प्राप्त होने के बाद पद सृजन के संबंध में शासन स्तर पर अंतर्विभागीय परामर्श की कार्रवाई गतिमान बताई गई है। पत्र में कहा गया है कि पद सृजन की प्रक्रिया लंबी होने के कारण हाईकोर्ट के आदेश का पूर्ण अनुपालन करने में लगभग दो माह का अतिरिक्त समय लगने की संभावना है।
18 अगस्त 2026 को अगली सुनवाई
मामले की अगली सुनवाई 18 अगस्त 2026 को निर्धारित है। शासन की ओर से न्यायालय के समक्ष वर्तमान स्थिति से अवगत कराने के लिए शपथपत्र तैयार कर उपलब्ध कराने तथा उसे हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में दाखिल कर प्रभावी पैरवी करने के निर्देश दिए गए हैं।
महत्वपूर्ण: यह दस्तावेज पद सृजन को मंजूरी दिए जाने की पुष्टि नहीं करता, बल्कि बताता है कि स्वीपर-चौकीदार के पद सृजन का प्रस्ताव शासन स्तर पर विचाराधीन/अंतर्विभागीय परामर्श की प्रक्रिया में है
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