शिक्षकों की तबादला नीति पर रोक लगाने की मांग
शिक्षकों के लिए लागू की गई अव्यावहारिक तबादला नीति और शिक्षा एवं शिक्षकों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं को लेकर बिहार राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ गोप गुट की दाउदनगर प्रखंड इकाई की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता प्रखंड अध्यक्ष रंजीत कुमार रत्ना ने की। इसमें शि
क्षक तबादला नीति, शिक्षकों की प्रोन्नति, सेवा संपुष्टि, वेतन विसंगति, एरियर भुगतान सहित विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में नियोजित एवं विशिष्ट शिक्षकों की कालबद्ध प्रोन्नति, दो वर्ष की अनिवार्य परिवीक्षा अवधि पूरी करने वाले बीपीएससी शिक्षकों की सेवा संपुष्टि, वेतन विसंगति दूर करने, बकाया एरियर, वेतन एवं पेंशन का निर्धारित समय सीमा में भुगतान करने की मांग उठाई गई। इसके अलावा आवास भत्ते में किसी प्रकार की कटौती नहीं करने, प्रखंड स्तर पर शिक्षक दिवस समारोह आयोजित करने तथा प्राथमिक विद्यालयों में न्यूनतम पांच और मध्य विद्यालयों में न्यूनतम आठ शिक्षकों की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की गई।शिक्षक संघ ने प्रखंड एवं जिला शिक्षा कार्यालयों को भ्रष्टाचार मुक्त बनाने, विद्यार्थियों को मिलने वाली छात्रवृत्ति, पोशाक एवं अन्य राशि का समय
पर भुगतान सुनिश्चित करने तथा विद्यालय स्तर पर शिविर लगाकर विद्यार्थियों का आधार कार्ड बनाने की व्यवस्था करने की मांग भी रखी। बैठक में संगठन के सदस्यता अभियान को तेज करने का निर्णय लिया गया। प्रखंड अध्यक्ष रंजीत कुमार रत्ना ने कहा कि सरकार द्वारा शिक्षकों की मांग पर शनिवार को विद्यालय संचालन का समय अपराह्न एक बजे तक किए जाने के निर्णय का संगठन स्वागत करता है। इससे बच्चों को मानसिक दबाव से राहत मिलेगी
और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान तबादला नीति के कारण लंबे समय से ईमानदारी से शिक्षण कार्य कर रहे शिक्षकों में सरकार के प्रति निराशा का भाव पैदा हो रहा है। शिक्षकों को अपने गृह प्रखंड एवं आवास से दूर भेजे जाने से परिवार से दूरी, आवागमन की परेशानी और अतिरिक्त परिवहन खर्च जैसी समस्याएं उत्पन्न होती हैं। जिला उपाध्यक्ष प्रदीप कुमार ने कहा कि प्रताड़ना से किसी भी क्षेत्र में सुधार नहीं लाया जा सकता। शिक्षकों को तबादले के नाम पर प्रताड़ित करने से शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार नहीं होगा। उन्होंने कहा कि पुरस्कार और प्रोत्साहन के माध्यम से कराया गया कार्य अधिक प्रभावी होता है। शिक्षिका नूतन कला ने कहा कि शिक्षक हमेशा सरकार के साथ समन्वय स्थापित कर राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभाते रहे हैं।
आवास भत्ते में बदलाव नहीं करने की अपील
जिला कोषाध्यक्ष मनोज कुमार ने कहा कि शिक्षकों के एक विद्यालय से दूसरे विद्यालय में स्थानांतरण पर संगठन को आपत्ति नहीं है, लेकिन शिक्षिकाओं को पंचायत से बाहर और शिक्षकों को प्रखंड से दूर भेजना न्यायसंगत नहीं है। प्रखंड सचिव परवेज आलम ने सरकार से आवास भत्ते में किसी प्रकार की छेड़छाड़ नहीं करने की अपील की। उन्होंने संगठन के सदस्यता अभियान को तेज करने पर जोर दिया। बैठक में 11 शिक्षकों को वार्षिक सदस्यता प्रदान कर अभियान की विधिवत शुरुआत की गई। बैठक में शिक्षिका संगीता कुमारी, पंडित राधेलाल, उमाशंकर सिंह, मनोन कुमार सहित अन्य शिक्षक उपस्थित रहे।
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