यदि इन 5 राज्यों में पुनः पुरानी पेंशन लागू हो सकती है तो अन्य प्रदेशों एवं पूरे भारत में क्यों नहीं ?
पुरानी पेंशन योजना पर केंद्र का बड़ा बयान: देशभर में OPS लागू करने का कोई प्रस्ताव नहीं
नई दिल्ली। पुरानी पेंशन योजना (OPS) को लेकर केंद्र सरकार ने लोकसभा में स्थिति स्पष्ट की है। वित्त मंत्रालय की ओर से 10 अगस्त 2026 को दिए गए जवाब में कहा गया कि सरकारी राजकोष पर पड़ने वाली भारी वित्तीय देनदारी के कारण पूरे देश में पुरानी पेंशन योजना लागू करने का कोई प्रस्ताव केंद्र सरकार के विचाराधीन नहीं है।
लोकसभा में पूछे गए अतारांकित प्रश्न संख्या 3637 के जवाब में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने यह जानकारी दी।
इन राज्यों में NPS से OPS में प्रत्यावर्तन
सरकार ने बताया कि 26 जुलाई 2026 तक पांच राज्य सरकारों ने राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) से पुरानी पेंशन योजना में प्रत्यावर्तन के संबंध में PFRDA को सूचना दी है। इन राज्यों में NPS के तहत जमा पेंशन निधि का विवरण इस प्रकार है—
| राज्य | जमा निधि (₹ करोड़ में) |
|---|---|
| राजस्थान | 53,403.89 |
| छत्तीसगढ़ | 24,030.04 |
| झारखंड | 14,420.90 |
| पंजाब | 40,673.08 |
| हिमाचल प्रदेश | 12,525.96 |
इन पांच राज्यों की कुल जमा पेंशन निधि करीब ₹1.45 लाख करोड़ है।
जमा राशि लौटाने का प्रावधान नहीं
वित्त मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि PFRDA Act, 2013 और PFRDA से संबंधित नियमों में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है, जिसके तहत अभिदाताओं की संचित कॉर्पस राशि यानी सरकारी अंशदान और कर्मचारियों के अंशदान के साथ अर्जित आय को वापस लिया जा सके तथा राज्य सरकार को लौटाया जा सके।
सरकार के जवाब के मुताबिक, OPS को देशभर में लागू करने का फैसला फिलहाल केंद्र के विचाराधीन नहीं है। इससे पुरानी पेंशन की मांग कर रहे केंद्रीय कर्मचारियों के लिए फिलहाल कोई राहत की घोषणा नहीं हुई है।
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