प्रयागराज। जनगणना ड्यूटी में लगाए गए शिक्षकों को अब एक नई परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। छुट्टियों के दौरान जनगणना का काम कराने के बाद अब संबंधित कार्य के भुगतान और अवकाश को लेकर मामला हाईकोर्ट पहुंच गया है।
रिपोर्ट के अनुसार, शिक्षकों की ओर से जनगणना कार्य के बदले निर्धारित भुगतान और छुट्टी दिए जाने की मांग की गई है। शिक्षकों का कहना है कि उन्होंने विभागीय ड्यूटी के तहत निर्धारित समय के अलावा भी काम किया, ऐसे में उन्हें नियमानुसार प्रतिपूरक अवकाश और अन्य देय सुविधाएं मिलनी चाहिए।
छुट्टियों में कराया गया जनगणना कार्य
शिक्षकों का कहना है कि जनगणना कार्य के लिए उन्हें विद्यालयी अवकाश के दौरान भी ड्यूटी करनी पड़ी। इस दौरान घर-घर जाकर आवश्यक जानकारी जुटाने और रिकॉर्ड तैयार करने जैसे कार्य किए गए।
शिक्षकों का तर्क है कि जब उनसे विभागीय कार्य के लिए छुट्टी के दिनों में ड्यूटी ली गई, तो उसके बदले नियमानुसार मिलने वाली सुविधाओं का लाभ भी दिया जाना चाहिए।
हाईकोर्ट में दाखिल हुई याचिका
मामले में शिक्षकों की ओर से हाईकोर्ट का रुख किया गया है। याचिका में जनगणना ड्यूटी से जुड़े भुगतान, अवकाश और अन्य अधिकारों को लेकर राहत की मांग की गई है।
बताया गया है कि अदालत ने मामले में संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगा है। अब आगे की सुनवाई में यह स्पष्ट होगा कि छुट्टी के दिनों में जनगणना ड्यूटी करने वाले शिक्षकों को किस प्रकार की राहत मिल सकती है।
शिक्षकों में बढ़ी उम्मीद
जनगणना कार्य में बड़ी संख्या में शिक्षक लगाए गए हैं। ऐसे में इस मामले के फैसले का असर अन्य जिलों में जनगणना ड्यूटी करने वाले शिक्षकों पर भी पड़ सकता है। शिक्षक संगठनों की नजर अब हाईकोर्ट की अगली सुनवाई और सरकार के जवाब पर है।
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