प्रदेश के 515 विद्यालय प्रोजेक्ट अलंकार की दो किस्त लेकर भूल गए
प्रयागराज : प्रोजेक्ट अलंकार के तहत अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के जीर्णोद्धार व अवस्थापना सुविधाओं के लिए सहयोगी अनुदान की व्यवस्था है। प्रदेश में 4512 अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालय हैं। इनमें से 577 स्कूलों ने योजना के तहत आवेदन किया और सभी को पहली और दूसरी किस्त दी गई। अब तक 62 विद्यालय ही अपने यहां कार्य पूर्ण कर प्रमाणपत्र प्रस्तुत कर पाए हैं। प्रदेश के 515 विद्यालयों में कार्य अब भी लटका हुआ है। निर्माण एजेंसी और विद्यालय उदासीन हैं। योजना के तहत 52 अन्य विद्यालयों ने भी आवेदन किया है। उनकी पत्रावली शासन स्तर पर लंबित है।
लखनऊ मंडल में काम न पूरा करने वाले 48 विद्यालय हैं जिनमें 22 लखनऊ जनपद के हैं। इसी तरह गोरखपुर मंडल में 56 विद्यालय हैं जबकि गोरखपुर जनपद में 24 महाराजगंज में 18, देवरिया व कुशीनगर में क्रमशः नौ और पांच, प्रयागराज मंडल में 53 विद्यालयों के काम लटके हुए हैं। कौशांबी व प्रयागराज के नौ-नौ, प्रतापगढ़ व फतेहपुर के 25 व दस स्कूलों ने अब तक काम पूरा नहीं कराया है। वाराणसी मंडल में कुल 36 विद्यालयों ने इस योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन किया, इसमें से 35 के काम अधूरे हैं। चंदौली, वाराणसी, गाजीपुर, जौनपुर में क्रमशः एक, 12, 16 और छह विद्यालयों के कार्य अधर में हैं। चित्रकूट मंडल में सात स्कूलों ने आवेदन किया था, सभी के काम अटके हैं। मेरठ मंडल में 63 विद्यालयों ने भवन निर्माण व अवस्थापना सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए प्रोजेक्ट अलंकार के तहत आवेदन किया मेरठ और गाजियाबाद जनपद में एक एक विद्यालय ने कार्य पूर्ण किया 61 विद्यालयों में कार्य अधूरा है।
इसीक्रम में मुरादाबाद मंडल में 32 में से 29, बस्ती मंडल में 20, बरेली मंडल में 21, कानपुर मंडल में 42, झांसी मंडल में 17, सहारनपुर मंडल में छह, आजमगढ़ मंडल में 10, मिर्जापुर मंडल में चार, देवीपाटन मंडल में 20, अयोध्या मंडल में 45, आगरा मोंडील में 22, अलीगढ़ मंडल में 19 विद्यालयों के कार्य बहुत शिथिल गति से चल रहे हैं। प्रोजेक्ट अलंकार के प्रभारी व जेडी वित्त महेंद्र कुमार सिंह का कहना है कि इस योजना का लाभ उन्हीं विद्यालयों को मिल रहा है जिन्होंने मान्यता के 75 वर्ष पूरे किए हैं। विशेष परिस्थिति में जिला स्तरीय समिति की सिफारिश पर भी प्रोजेक्ट अलंकार का लाभ स्कूलों को दिया जा सकता है। 14 अक्टूबर 1986 तक के ऐसे अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालय जिनकी मान्यता की अवधि 50 वर्ष पूर्ण नहीं हो रही है और भवन जर्जर हाल में हैं, उन्हें भी योजना का लाभ मिल सकता है। किसी भी हाल में 300 से कम छात्र संख्या वाले विद्यालय प्रोजेक्ट अलंकार के तहत नहीं आएंगे। छात्र छात्राओं की संख्या के आधार पर ही अनुदान राशि का निर्धारण किया जा रहा है।
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