उत्तर प्रदेश शिक्षक महासंघ ने शिक्षक हित के मुद्दों पर प्रतिनिधित्व का निर्णय लिया
लखनऊ। उत्तर प्रदेश शिक्षक महासंघ के केंद्रीय कार्यालय से जारी पत्र में संगठन ने प्रदेश में शिक्षकों के हित से जुड़े विभिन्न मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हुए विधान परिषद में महासंघ के प्रतिनिधियों की उपस्थिति को आवश्यक बताया है।
पत्र में कहा गया है कि उत्तर प्रदेश में बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा में कार्यरत मृतक शिक्षकों के आश्रितों को शिक्षक पद पर नियुक्ति, पारिवारिक पेंशन, शिक्षकों को केंद्र सरकार के शिक्षकों के समान वेतनमान, शिक्षकों की सेवा संबंधी समस्याओं का समाधान सहित कई उपलब्धियां शिक्षक महासंघ के प्रयासों से प्राप्त हुई हैं।
संगठन ने पत्र में यह भी उल्लेख किया है कि शिक्षकों की सेवानिवृत्ति आयु 60 वर्ष से बढ़ाकर 62 वर्ष किए जाने सहित विभिन्न शिक्षक हित के मुद्दों को महासंघ के माध्यम से उठाया गया।
विधान परिषद में प्रतिनिधित्व को लेकर निर्णय
पत्र के अनुसार, पूर्व एमएलसी एवं संयोजक सुरेश कुमार त्रिपाठी तथा विधान परिषद सदस्य एवं नेता शिक्षक दल ध्रुव कुमार त्रिपाठी द्वारा शिक्षकों के हित से जुड़े विषयों को प्रमुखता से उठाया गया है।
महासंघ ने कहा है कि शिक्षकों के हित में कार्य करने तथा उनके ऊपर होने वाले कुठाराघात को विफल करने के लिए उत्तर प्रदेश विधान परिषद में शिक्षक महासंघ के प्रतिनिधियों की उपस्थिति आवश्यक है।
इसी क्रम में उत्तर प्रदेश शिक्षक महासंघ ने सुरेश कुमार त्रिपाठी और ध्रुव कुमार त्रिपाठी सहित सभी प्रत्याशियों का समर्थन करने का निर्णय लिया है।
पत्र के अंत में महासंघ के अध्यक्ष डॉ. दिनेश चन्द्र शर्मा ने उम्मीद जताई है कि सभी संबंधित लोग शिक्षक हित में महासंघ द्वारा लिए गए निर्णय के अनुरूप कार्य करना सुनिश्चित करेंगे।
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