इलाहाबाद हाईकोर्ट का फैसला: अस्थायी कर्मचारी की सेवा समाप्ति वैध, जानें पूरा मामला
Prayagraj High Court News: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इटावा के राजकीय मूक-बधिर बालिका विद्यालय में कनिष्ठ लिपिक के पद पर कार्यरत रवींद्र पाल सिंह की सेवा समाप्ति को वैध ठहराया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि अस्थायी नियुक्ति के आधार पर कर्मचारी को स्थायी सेवा का अधिकार नहीं मिल जाता।
समाचार के अनुसार, मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति अनिल कुमार गुप्ता ने की। अदालत ने पाया कि संबंधित कर्मचारी की नियुक्ति तदर्थ और अस्थायी प्रकृति की थी तथा उनकी सेवा की पुष्टि से संबंधित कोई आदेश जारी नहीं हुआ था।
क्या है पूरा मामला?
रवींद्र पाल सिंह को 8 मई 1991 को इटावा के राजकीय मूक-बधिर बालिका विद्यालय में कनिष्ठ लिपिक के पद पर अस्थायी नियुक्ति मिली थी। इसके बाद 29 सितंबर 1995 को उन्हें एक महीने का नोटिस देकर उनकी सेवा समाप्त कर दी गई।
इस सेवा समाप्ति के आदेश को चुनौती दी गई थी। मामले में अदालत के सामने यह प्रश्न था कि अस्थायी नियुक्ति पर कार्यरत कर्मचारी की सेवा समाप्त करने का आदेश वैध था या नहीं।
हाईकोर्ट ने क्या कहा?
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मामले पर विचार करते हुए कहा कि तदर्थ या अस्थायी नियुक्ति से कर्मचारी को स्थायी सेवा का अधिकार प्राप्त नहीं होता। अदालत के अनुसार, संबंधित कर्मचारी की नियुक्ति अस्थायी थी और सेवा की पुष्टि के संबंध में कोई आदेश नहीं हुआ था।
अदालत ने यह भी माना कि सेवा समाप्ति का आदेश दंडात्मक प्रकृति का नहीं था। ऐसे में इस मामले में सुनवाई की प्रक्रिया अपनाना आवश्यक नहीं था।
1975 के सेवा समाप्ति नियमों का भी उल्लेख
मामले में प्रदेश अस्थायी सरकारी सेवक (सेवा समाप्ति) नियमावली, 1975 का उल्लेख किया गया। समाचार के अनुसार, इन नियमों के तहत निर्धारित परिस्थितियों में अस्थायी सरकारी सेवक की सेवा समाप्त की जा सकती थी।
हाईकोर्ट ने संबंधित तथ्यों और नियमों के आधार पर सेवा समाप्ति के आदेश को वैध माना।
अस्थायी कर्मचारियों के लिए क्या है इसका मतलब?
यह मामला अस्थायी और तदर्थ नियुक्तियों से जुड़े सेवा अधिकारों को समझने के लिहाज से महत्वपूर्ण है। हालांकि, प्रत्येक मामले में नियुक्ति की शर्तें, लागू सेवा नियम, सेवा समाप्ति के कारण और संबंधित आदेश की प्रकृति अलग हो सकती है। इसलिए इस निर्णय को सभी अस्थायी कर्मचारियों पर समान रूप से लागू नहीं माना जाना चाहिए।
Basic Shiksha Khabar | PRIMARY KA MASTER | SHIKSHAMITRA | Basic Shiksha News | Primarykamaster | Updatemarts | Primary Ka Master | Basic Shiksha News | Uptet News | primarykamaster | SHIKSHAMITRA





