सिलावन (ललितपुर)। विकास खंड महरौनी अंतर्गत परिषदीय विद्यालयों में छात्र शिक्षक अनुपात को दरकिनार कर शिक्षकों की तैनाती की जा रही है। कहीं 16 बच्चों के लिए पांच शिक्षक हैं तो कहीं 30 बच्चों पर चार शिक्षक।
बेसिक शिक्षा के मानक के अनुसार प्राथमिक विद्यालय में 30 बच्चों पर एक शिक्षक की तैनाती का प्रावधान है। लेकिन विकास खंड महरौनी अंतर्गत ज्यादातर प्राथमिक विद्यालयों में ऐसा देखने को नहीं मिल रहा है। खासकर जो विद्यालय सड़क किनारे हैं, वहां शिक्षकों की भरमार है और दूरदराज के विद्यालयों में शिक्षकों की कमी बनी हुई है।
महरौनी नगर स्थित प्राथमिक विद्यालय वाल्मीकि नगर में छात्रांकन महज 16 है। इसके सापेक्ष पांच शिक्षकों की तैनाती की गई है, जिसमें दो अध्यापक व तीन शिक्षामित्र हैं। ऐसे ही प्राथमिक विद्यालय बैजनाथ में कुल छात्रांकन 32 है। इसके मुकाबले दो शिक्षक तैनात हैं। वहीं, प्राथमिक विद्यालय गगनियां में भी बेसिक शिक्षा के मानकों की अनदेखी देखने को मिली है। यहां 30 बच्चों के मुकाबले चार शिक्षकों की तैनाती की गई है, जिसमें दो अध्यापक व दो शिक्षामित्र मिलकर 30 बच्चों को पढ़ा रहे हैं। वाल्मीकि नगर, बैजनाथ और गगनियां के प्राथमिक विद्यालय तो बानगी मात्र हैं। विकास खंड के अधिकतर प्राथमिक विद्यालयों में छात्रांकन के मुकाबले कहीं अधिक शिक्षकों की तैनाती है। ऐसी स्थिति में गुणवत्तापरक शिक्षण कार्य पर सवालिया निशान लग रहे हैं।
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इनका कहना हैं कि-
जिन विद्यालयों में 50 से कम छात्रांकन है, वहां शिक्षकों के समायोजन की प्रक्रिया चल रही है। जल्द ही मानक के अनुसार शिक्षकों की तैनाती की जाएगी।
-राजकुमार पुरोहित, खंड शिक्षा अधिकारी महरौनी
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