गंदगी, कूड़ा और घास… ये परिषदीय स्कूल हैं

primarymaster.in


लखीमपुर खीरी। जिले में एक से 15 सितंबर तक स्वच्छता पखवाड़ा मनाने के निर्देश थे, लेकिन इसका असर कहीं नहीं दिख रहा है। स्कूलों में न तो बेहतर साफ-सफाई है और न ही बच्चों के लिए अन्य सुविधाएं। कहीं कूड़ा बिखरा पड़ा है, तो कहीं घास इतनी ज्यादा है कि बच्चे हैंडपंप तक पानी पीने के लिए नहीं जा पाते।

स्वच्छता पखवाड़ा के लिए अलग-अलग कार्यक्रम तय किए गए थे। बच्चों को स्वच्छता के बारे में जानकारी हो सके, इसको लेकर स्वच्छता पखवाड़ा दिवस मनाया जा रहा है। यह दिवस महज कागजों तक ही सीमित रह गया है। जारी किए गए शेड्यूल के मुताबिक एकाध जगहों को छोड़कर बाकी किसी भी स्कूल में इस तरह के कार्यक्रम नहीं किए गए।

स्वच्छता पखवाड़ा समाप्त होने में बस चार दिन शेष हैं। स्वच्छता को लेकर को पूरे जिले के परिषदीय स्कूलों में पड़ताल कराई गई तो सच्चाई उजागर हो गई। स्कूलों में झाड़-झंखाड के अलावा गंदगी फैली हुई दिखाई दी। स्कूलों के शौचालय गंदे हैं, जबकि कई जगहों पर कूड़ा फैला है। शहर के मोहल्ला नौरंगाबाद प्राथमिक विद्यालय में बड़ी-बड़ी झाड़ियां फैली हैं।

महाराजनगर उच्च प्राथमिक स्कूल में भी गंदगी की भरमार दिखाई दी। इधर, संपूर्णानगर सिंगाही खुर्द स्थित उच्च प्राथमिक कंपोजिट विद्यालय के मुख्य गेट के सामने मैदान में कूड़ा करकट पड़ा हुआ दिखाई दिया। सफाई न होने की वजह से बच्चों को इसी कूड़े और दुर्गंध युक्त रास्ते से होकर गुजरना पड़ रहा है।

————

सप्ताह में एक बार आता है सफाई कर्मी

बेहजम। उच्च प्राथमिक विद्यालय परिसर में भी गंदगी देखी गई। यहां की सहायक अध्यापिका शिप्रा वर्मा ने बताया कि स्कूल में सफाई कर्मचारी सप्ताह में एक बार ही आता है। कई बार बीईओ से भी इसको लेकर लिखित व मौखिक चर्चा हो चुकी है, लेकिन समाधान नहीं हो सका।

————

बीमारियां फैलने का रहता है खतरा

ज्यादातर परिषदीय स्कूलों के आसपास गंदगी फैली है। सफाई कर्मी न होने की वजह से इस तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्कूल परिसर में गंदगी होने की वजह से हर समय बीमारियां फैलने का डर बना रहता है। पढ़ाई के दौरान भी बच्चों को दिन में मच्छर काटते रहते हैं। विभागीय अधिकारियों को इन समस्याओं को अवगत कराया गया, लेकिन आज तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है।

————-

विद्यालय परिसर में उगी घास, मच्छरों का प्रकोप

पसगवां। ग्राम किशुनपुर अजीत में ऑपरेशन कायाकल्प के तहत उच्च प्राथमिक विद्यालय का सुंदरीकरण किया गया है, लेकिन परिसर में उगी हुई घास और जलभराव से छात्र-छात्राओं को मच्छरों से सामना करना पड़ता है, जिससे मलेरिया का खतरा उत्पन्न हो गया है। प्रधानाध्यापक योगेश रत्न ने बताया कि विद्यालय में नियमित सफाई कर्मचारी आता है, लेकिन परिसर में जलभराव और घास से शिक्षक सहित छात्र-छात्राएं परेशान हैं। बच्चे पानी पीने के लिए हैंडपंप तक नहीं जा पाते हैं। प्रधानाध्यापक का कहना है कि कक्षाओं में छात्रों को पानी पिलाने की व्यवस्था की गई है।

Primary ka master: गंदगी, कूड़ा और घास… ये परिषदीय स्कूल हैं

Rating: 4.5
Diposkan Oleh:
Updatemarts

Basic Shiksha Khabar | PRIMARY KA MASTER | SHIKSHAMITRA | Basic Shiksha News | Primarykamaster | Updatemarts | Primary Ka Master | Basic Shiksha News | Uptet News | primarykamaster | SHIKSHAMITRA

Leave a Comment