केंद्र सरकार बीमा कानून में संशोधन करने जा रही है। संशोधन के तहत बीमा कंपनियों को सबसे बड़ा लाभ होगा क्योंकि उन्होंने सभी तरह की बीमा पॉलिसी को बेचने की इजाजत दी जाएगी। अभी तक जीवन बीमा कंपनी सिर्फ जीवन बीमा से जुड़ी पॉलिसी भी बेच सकती है। वहीं, साधारण बीमा कंपनी स्वास्थ्य, मोटर, दुर्घटना जैसी बीमा पॉलिसी को बेच सकती है।
बीमा अधिनियम के प्रावधान के हिसाब से एक कंपनी उसी श्रेणी में बीमा उत्पाद बेचने का काम कर सकती है, जिसमें उसने इरडा के तहत पंजीकरण कराया है। अब सरकार का मानना है कि बीमा पॉलिसी बिक्री के लिए कोई श्रेणी नहीं होनी चाहिए। एक कंपनी को सभी श्रेणी में पॉलिसी बेचने की अनुमति है।
ध्यान रहे कि भारत में कुल 57 बीमा कंपनियां है, जिनमें से 24 कंपनी भारतीय जीवन बीमा क्षेत्र से जुड़ी पॉलिसी बेचती हैं। जबकि 34 कंपनी गैर जीवन बीमा क्षेत्र से जुड़ी पॉलिसी बेचने का काम करती है लेकिन बीमा कानून में संशोधन के बाद सभी क्षेत्रों से जुड़ी पॉलिसी बेच पाएंगी।
इस बदलाव को लेकर वित्त मंत्रालय के स्तर पर तैयारी चल रही है। कानून में संशोधन को लेकर जल्द ही उच्च स्तरीय बैठक होनी है, जिसमें सचिव वित्तीय सेवाएं और भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधकरण (इरडा) के अधिकारी शामिल होंगे। बताया जा रहा है कि संशोधन से जुड़ा मसौदा तैयार कर लिया गया है, जिसे अब अधिकारियों द्वारा सरकार से जुड़े शीर्ष अधिकारियों के सामने प्रस्तुत किया जाना है।
एक तरफ जहां कंपनियों को लाइसेंस से मुक्ति मिलेगी तो वहीं सरकार के लिए कागजों के रखरखाव का झंझट भी थोड़ा कम होगा। अब आगामी शीतकालीन सत्र में संशोधन किए जाने की तैयारी है।
वर्ष 2047 तक सबके लिए बीमा का लक्ष्य
केंद्र सरकार ने वर्ष 2047 में देश में सभी के लिए बीमा का लक्ष्य रखा है। ऐसे में सरकार मान कर चल रही है कि बीमा क्षेत्र में बड़े बदलाव की जरूरत है, जिससे प्रतिस्पर्धा बढ़े और लोगों को आसानी से रियायती दरों पर बीमा कवर मिल सके। इसलिए बीमा कानून में कई तरह के संशोधन से जुड़े प्रस्ताव हैं।
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