बीमा कंपनियां बढ़ा रहीं मरीजों की मुसीबत: स्वास्थ्य बीमा पैनल में शामिल अस्पताल भी अब पॉलिसीधारकों को इलाज के लिए भर्ती करने से बच रहे – UpdateMarts| PRIMARY KA MASTER | SHIKSHAMITRA | Basic Shiksha News

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 नई दिल्ली। अचानक से होने वाली बीमारी या फिर कोई दुर्घटना होने पर नगदरहित इलाज का दावा कर बेची जा रही बीमा पॉलिसी मरीजों के किसी काम नहीं आ रही हैं। बीमा कंपनी की सूची में पैनल पर मौजूद अस्पताल बीमा कंपनी से खर्च की मंजूरी लिए बिना मरीज को भर्ती करने के लिए तैयार नहीं। कारण, आपात स्थिति में भर्ती हुए मरीजों का इलाज खर्च भी बीमा कंपनी देने को तैयार नहीं है।

मौजूदा समय में बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण यानी इरडा के पास स्वास्थ्य बीमा दावे खारिज किए जाने और महीनों तक इलाज खर्च के दावों को लटकाए रखने से जुड़ी शिकायतों की सबसे ज्यादा भरमार है।

बीमा कंपनियां को लेकर ऐसी भी शिकायतें हैं, जिनमें मरीज के इलाज का भुगतान करने से मना कर दिया गया। कई मामलों में सारे कागजात जमा कराने पर भी महीनों तक मरीज को इलाज कराने की मंजूरी नहीं दी गई।

उधर, अस्पताल इलाज शुरू करने से पहले इलाज खर्च की मंजूरी मांग रहे हैं या फिर मरीजों से पहले पैसा जमा करवा रहे हैं। अस्पताल मरीजों को तब तक भर्ती नहीं कर रहे हैं, जब तक बीमा कंपनी दावा धनराशि के 90 प्रतिशत तक भुगतान का पूर्व-स्वीकृति नहीं देती है। स्टार हेल्थ इंश्योरेंस समेत कई दूसरी कंपनियों के खिलाफ सबसे अधिक शिकायतें हैं। इस तरह के मामले किसी एक या दो कंपनी के खिलाफ नहीं हैं। अन्य कंपनियों द्वारा भी दावों को अवैध तरीके से खारिज किया जा रहा है। निजी कंपनियों का रिकॉर्ड सबसे ज्यादा खराब है।

भर्ती होने से पहले खारिज किया बीमा दावा

अमित बेहल ने सोशल मीडिया पर स्वास्थ्य मंत्रालय और पीएमओ को टैग करते हुए लिखा कि दो महीने पहले एक हादसे में मेरे बायां कंधा अपनी जगह से हिल गया। एक्सरे व एमआरआई जांच के बाद डॉक्टरों ने सर्जरी कराने की सलाह दी। सर्जरी के लिए अस्पताल में भर्ती होने की तैयारी पूरी थी, लेकिन एक दिन पहले स्टार हेल्थ इंश्योरेंस ने नगदरहित दावा खारिज कर दिया। अब तक दो बार दावा खारिज किया जा चुका है। अब तक बीमा के लिए करीब 1.15 लाख का प्रीमियम जमा किया है, जबकि सर्जरी के लिए 3.77 लाख रुपये का दावा किया था। अमित ने कहा कि मैंने बीमा कंपनियों को हर जरूरी कागज दिया लेकिन गुरुग्राम का कोई भी अस्पताल स्टार हेल्थ इंश्योरेंस की पॉलिसी पर इलाज करने को तैयार नहीं है जबकि वह कंपनी के पैनल पर हैं।

शिवम नामदेव ने सोशल मीडिया पर लिखा कि मेरे पिता का स्वास्थ्य बीमा दावा बीमा कंपनी एचडीएफसी एर्गो ने गलत तरीके से खारिज कर दिया। सीढ़ियों से फिसलने पर उनकी रीढ़ में गंभीर चोट लगी थी। डॉक्टर ने अपनी रिपोर्ट में साफ तौर पर लिखा है कि चोट दुर्घटनावश गिरने की वजह से आई। इसके बावजूद बीमा कंपनी ने हमारे बीमा दावे को अस्वीकार कर दिया जबकि इलाज से जुड़ी हर रिपोर्ट बीमा कंपनी को उपलब्ध करा चुका हूं।

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