सुकन्या समृद्धि योजना (SSY): बेटी 5 साल की उम्र में खाता खुलवाने पर पैसा 21 साल में मिलेगा या 26 साल में? जानिए पूरा नियम – UpdateMarts| PRIMARY KA MASTER | SHIKSHAMITRA | Basic Shiksha News

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SSY की मैच्योरिटी को लेकर अक्सर अभिभावकों में रहती है भ्रम की स्थिति

नई दिल्ली। सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) बेटियों के भविष्य को सुरक्षित करने वाली केंद्र सरकार की सबसे लोकप्रिय बचत योजनाओं में से एक है। हालांकि इसकी मैच्योरिटी अवधि को लेकर कई अभिभावकों के मन में भ्रम रहता है। सबसे बड़ा सवाल यह होता है कि यदि बेटी के 5 वर्ष की आयु में खाता खोला जाता है, तो योजना की राशि उसे 21 वर्ष की आयु में मिलेगी या 26 वर्ष की आयु में?

वास्तव में सुकन्या समृद्धि योजना की मैच्योरिटी बेटी की उम्र के आधार पर नहीं, बल्कि खाता खोलने की तारीख के आधार पर तय होती है।

कैसे तय होती है SSY की मैच्योरिटी?

सुकन्या समृद्धि योजना में खाता खुलने की तारीख से 21 वर्ष बाद योजना मैच्योर होती है। वहीं खाते में निवेश केवल 15 वर्षों तक करना होता है।

उदाहरण के लिए यदि किसी बच्ची का खाता उसके 5 वर्ष की आयु में वर्ष 2026 में खोला जाता है, तो अभिभावक अगले 15 वर्षों तक यानी उसके 20 वर्ष की आयु तक जमा कर सकते हैं। इसके बाद कोई निवेश करने की आवश्यकता नहीं होगी, लेकिन खाते में जमा राशि पर सरकार द्वारा निर्धारित ब्याज मिलता रहेगा।

ऐसी स्थिति में खाता वर्ष 2047 में मैच्योर होगा, जब बच्ची की आयु लगभग 26 वर्ष हो जाएगी।

22.5 लाख रुपये का निवेश बन सकता है 71 लाख रुपये से अधिक

मान लीजिए कि अभिभावक हर वर्ष अधिकतम ₹1.5 लाख का निवेश करते हैं।

  • वार्षिक निवेश: ₹1.5 लाख
  • निवेश अवधि: 15 वर्ष
  • कुल निवेश: ₹22.5 लाख

इसके बाद निवेश बंद हो जाएगा, लेकिन खाते पर ब्याज मिलता रहेगा। यदि ब्याज दर लगभग 8.2% के आसपास बनी रहती है, तो 21 वर्षों की अवधि में चक्रवृद्धि ब्याज (Compounding) का लाभ मिलने से लगभग ₹49.32 लाख का ब्याज जुड़ सकता है।

इस प्रकार मैच्योरिटी पर कुल राशि लगभग ₹71.82 लाख तक पहुंच सकती है।

क्या 18 साल की उम्र के बाद पैसा निकाला जा सकता है?

हां। सुकन्या समृद्धि योजना में बच्ची के 18 वर्ष की आयु पूरी करने या 10वीं कक्षा उत्तीर्ण करने के बाद (जो पहले हो) उच्च शिक्षा या विवाह के लिए खाते में जमा राशि का 50 प्रतिशत तक निकाला जा सकता है।

उदाहरण के लिए यदि खाते में ₹10 लाख जमा हैं, तो ₹5 लाख तक की राशि निकाली जा सकती है।

सुकन्या समृद्धि योजना की प्रमुख बातें

कौन खुलवा सकता है खाता?

  • केवल माता-पिता या कानूनी अभिभावक।
  • बच्ची की आयु 10 वर्ष से कम होनी चाहिए।

निवेश सीमा

  • न्यूनतम निवेश: ₹250 प्रति वर्ष
  • अधिकतम निवेश: ₹1.5 लाख प्रति वर्ष

मैच्योरिटी अवधि

  • खाता खुलने की तारीख से 21 वर्ष बाद।
  • या 18 वर्ष की आयु के बाद निर्धारित शर्तों के अनुसार विवाह होने पर।

समय से पहले खाता बंद करने की सुविधा

विशेष परिस्थितियों में खाता समय से पहले बंद किया जा सकता है, जैसे—

  • खाताधारक की मृत्यु
  • गंभीर बीमारी
  • अभिभावक की मृत्यु

टैक्स लाभ

सुकन्या समृद्धि योजना को EEE (Exempt-Exempt-Exempt) श्रेणी का लाभ प्राप्त है।

  • निवेश पर आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत ₹1.5 लाख तक की छूट।
  • अर्जित ब्याज पूरी तरह टैक्स फ्री।
  • मैच्योरिटी पर मिलने वाली राशि भी पूरी तरह कर-मुक्त।

यदि बेटी के 5 वर्ष की आयु में सुकन्या समृद्धि योजना का खाता खोला जाता है, तो योजना उसकी 21 वर्ष की आयु में नहीं बल्कि खाता खुलने के 21 वर्ष बाद, यानी लगभग 26 वर्ष की आयु में मैच्योर होगी। यही कारण है कि इस योजना में लंबी अवधि का निवेश और चक्रवृद्धि ब्याज मिलकर बेटियों के लिए बड़ा वित्तीय कोष तैयार कर सकता है।

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