धरने पर पहुंचे अफसर तो रोने लगे TGT-PGT अभ्यर्थी, बोले- 2022 से नौकरी की उम्मीद में बैठे हैं
प्रयागराज। सिविल लाइंस में पिछले तीन दिनों से धरने पर बैठे TGT-PGT अभ्यर्थियों की बुधवार को संख्या बढ़ गई। मामला बड़ा न हो जाए, इसे देखते हुए अधिकारी तीसरे दिन शाम धरनास्थल पर पहुंचे और अभ्यर्थियों से बातचीत की। इस दौरान अपनी समस्याएं बताते हुए कई अभ्यर्थी भावुक हो गए और रोने लगे।
अभ्यर्थियों ने एडीएम सिटी सत्यम मिश्रा के सामने अपनी पीड़ा रखी। एक महिला अभ्यर्थी ने कहा कि वह छोटे बच्चे को लेकर धरने पर बैठी है और पूरा परिवार उम्मीद लगाए बैठा है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2022 से नौकरी की उम्मीद लगाए दौड़ रही हैं, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं हुआ। महिला ने कहा कि यदि घर में कोई कमाने वाला नहीं है और पूरा परिवार नौकरी लगने की उम्मीद लगाए बैठा है तो स्थिति बेहद मुश्किल हो जाती है।
सकारात्मक निर्णय तक धरना जारी रखने की चेतावनी
अभ्यर्थियों की बातें सुनकर मौके पर मौजूद सभी लोग भावुक हो गए। एडीएम सिटी ने अभ्यर्थियों को समझाते हुए आश्वासन दिया कि उनकी मांगों पर विमर्श किया जा रहा है।
हालांकि अभ्यर्थियों ने स्पष्ट कहा कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक वे धरने से नहीं उठेंगे।
युवा मंच के अध्यक्ष अनिल सिंह ने कहा कि शासन स्तर पर लखनऊ में इस मुद्दे को लेकर बैठक होनी है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार पांच सितंबर तक अभ्यर्थियों की मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है तो नौजवानों का आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।
धरने में शिमला पटेल, कंचन सिंह, प्रवीण यादव, अभिषेक कुमार, रोशन कुमार, संतोष यादव, एलेके चौधरी सहित बड़ी संख्या में अभ्यर्थी मौजूद रहे।
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