लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए एक सख्त कदम उठाया है। 1 अक्टूबर से राज्य के एनसीआर जिलों में बिना वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUC) वाले वाहनों को पेट्रोल पंपों पर ईंधन नहीं दिया जाएगा।
प्रदूषण नियंत्रण को लेकर आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने यह निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि सरकार ने वर्ष 2026 के दौरान एनसीआर क्षेत्र में वायु प्रदूषण के स्तर को 30 से 35 प्रतिशत तक कम करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
मुख्य सचिव ने सभी संबंधित विभागों को समन्वित रूप से प्रभावी कार्रवाई करने और जन-जागरूकता बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
एनसीआर में प्रदूषण 35 प्रतिशत तक घटाने का लक्ष्य
‘पीयूसी नहीं, तो ईंधन नहीं’ व्यवस्था लागू करने के लिए एनसीआर क्षेत्र के 1,041 पेट्रोल पंपों पर स्वचालित नंबर प्लेट पहचान (ANPR) कैमरे लगाए जाएंगे।
सरकार ‘नया सफर योजना’ के तहत पुराने वाहनों को हटाकर इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) और सीएनजी वाहनों को बढ़ावा देने पर भी जोर दे रही है। एनसीआर क्षेत्र में लगभग 26.19 लाख पुराने वाहन चिह्नित किए गए हैं।
सार्वजनिक परिवहन को बेहतर बनाने के लिए गाजियाबाद, नोएडा, ग्रेटर नोएडा और मेरठ में 975 इलेक्ट्रिक बसें संचालित करने का लक्ष्य रखा गया है।
इसके अलावा औद्योगिक प्रदूषण पर नियंत्रण, सड़कों की धूल कम करने तथा निर्माण एवं विध्वंस (Construction & Demolition) कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन पर भी तेजी से काम किया जा रहा है।
— एजेंसी
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