श्रावस्ती में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नौकरी कर रहे पांच शिक्षकों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। विभागीय जांच में इन शिक्षकों के फर्जी दस्तावेज मिलने के बाद बेसिक शिक्षा अधिकारी ने 4 मार्च को इन्हें बर्खास्त कर दिया था। वहीं शिक्षकों में एक 2013 जबकि शेष 2017 से फर्जी तरीके से नौकरी कर रहे थे।
खंड शिक्षा अधिकारी हरिहरपुर रानी, जमुनहा और सिरसिया की शिकायत पर 5 मार्च को मामला दर्ज किया गया। पकड़े गए शिक्षकों में कानपुर देहात के आलोक कुमार गुप्ता उर्फ किशन गुप्ता, कानपुर नगर के प्रदीप कुमार, कानपुर देहात के जितेंद्र सिंह, बस्ती के उमेश कुमार मिश्र और कानपुर देहात के सुशील कुमार शामिल हैं।
आलोक, प्रदीप, जितेंद्र और सुशील 2017 से फर्जी डीएड अंकपत्र के आधार पर नौकरी कर रहे थे। वहीं उमेश कुमार मिश्र 2013 से फर्जी टीईटी अंक पत्र के जरिए शिक्षक बने हुए थे। आलोक को भिनगा थाना पुलिस ने उच्च प्राथमिक विद्यालय भिनगा के सामने से, प्रदीप और जितेंद्र को सिरसिया थाना पुलिस ने प्राथमिक विद्यालय कोयलहवा और केशवपुर के गेट से गिरफ्तार किया।
वहीं हरदत्त नगर गिरंट थाना पुलिस ने सुशील को कटवा तिराहे से और मल्हीपुर थाना पुलिस ने उमेश को कम्पोजिट विद्यालय असनहरिया के पास से पकड़ा। सभी आरोपी अलग-अलग स्कूलों में सहायक अध्यापक के पद पर कार्यरत थे।
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