उत्तर प्रदेश में कम नामांकन वाले परिषदीय स्कूलों के विलय (पेयरिंग) को लेकर विरोध व्यापक रूप ले रहा है। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के आह्वान पर रविवार को वर्तमान और भावी शिक्षकों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जस्टिस फॉर स्कूल चिल्ड्रेन अभियान चलाया।
ये दोपहर से देर शाम तक ट्रेंड करता रहा। इसमें सात लाख से अधिक ट्वीट करके शिक्षकों व युवाओं ने स्कूलों का विलय न करने की अपील की। इसके साथ ही अलग अलग हैंडल से इससे जुड़े फोटो व बच्चों के वीडियो शेयर करते हुए स्कूलों के विलय के नुकसान बताए। साथ ही बच्चों ने भावुक अपील भी की। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. दिनेश चंद्र शर्मा ने कहा कि इतनी संख्या में हुए ट्वीट से यह पता चलता है कि स्कूलों के विलय के विरोध में आम लोग भी हैं। स्कूल बंद होने से काफी रसोइयों की सेवा समाप्त होगी। साथ ही भविष्य में शिक्षक बनने की उम्मीद में तैयारी कर रहे बीटीसी, बीएलएड अभ्यर्थियों को भी झटका लगेगा।
उन्होंने कहा कि हमारी मांग है कि कोई भी विद्यालय बंद न हो। हर क्लास में एक शिक्षक व हर विद्यालय में एक प्रधानाध्यापक जरूर नियुक्त हो। इस निर्णय के विरोध में आठ जुलाई को बीएसए कार्यालय में प्रस्तावित धरने में भी शामिल होने की उन्होंने अपील की है।
पदोन्नति से इन्कार करने वाले शिक्षकों को दें चयन वेतनमान
प्राथमिक शिक्षक प्रशिक्षित स्नातक एसोसिएशन ने मांग की है कि बेसिक शिक्षा विभाग से पदोन्नति से इन्कार करने वाले परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों को चयन वेतनमान दिया जाए। एसोसिएशन के प्रांतीय अध्यक्ष विनय कुमार सिंह ने विभाग के अपर मुख्य सचिव व बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव से कहा है कि शिक्षकों को 10 वर्ष के अंदर पदोन्नति का अवसर मिलने व पदोन्नति से इन्कार करने पर स्वेच्छा से चयन वेतनमान मिलना चाहिए। किंतु जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा चयन वेतनमान का लाभ नहीं दिया जा रहा है। इसे लेकर आवश्यक निर्देश जारी किए जाए।
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