जनगणना 2027: शिक्षकों के साथ निजी संस्थानों के कर्मचारी भी बनेंगे प्रगणक, सरकार ने बढ़ाया तैनाती का दायरा.
लखनऊ। जनगणना 2027 को लेकर केंद्र और राज्य सरकार ने प्रगणकों की तैनाती का दायरा बढ़ा दिया है। अब जनगणना कार्य में केवल सरकारी कर्मचारियों और शिक्षकों की ही नहीं, बल्कि निजी शैक्षणिक संस्थानों के शिक्षकों, कर्मचारियों और विभिन्न संस्थानों में कार्यरत अधिकारियों एवं लिपिकों की भी ड्यूटी लगाई जा सकेगी। इसके लिए केंद्र सरकार ने जनगणना नियमों में संशोधन कर प्रगणकों की नियुक्ति के लिए पात्र व्यक्तियों की सूची का विस्तार किया है।
सरकारी के साथ निजी संस्थानों के कर्मचारी भी बनेंगे प्रगणक
संशोधित नियमों के तहत अब सरकारी, स्थानीय निकायों, सहायता प्राप्त एवं गैर सहायता प्राप्त निजी संस्थानों, सोसाइटी और न्यास (ट्रस्ट) में कार्यरत शिक्षकों को भी जनगणना प्रगणक बनाया जा सकेगा।
इसके अलावा केंद्र एवं राज्य सरकार के विभिन्न विभागों, सार्वजनिक उपक्रमों, बैंकों और निजी प्रतिष्ठानों में कार्यरत लिपिकों एवं अधिकारियों को भी जनगणना कार्य में लगाया जा सकेगा।
जनगणना नियमों में किया गया संशोधन
केंद्र सरकार ने जनगणना नियमों में संशोधन करते हुए प्रगणकों की नियुक्ति के लिए पात्र व्यक्तियों की सूची का विस्तार किया है। इसका उद्देश्य जनगणना जैसे बड़े कार्य के लिए पर्याप्त मानव संसाधन उपलब्ध कराना है।
संशोधित व्यवस्था के अनुसार, राज्य सरकार या केंद्र शासित प्रदेश का प्रशासन किसी अन्य उपयुक्त व्यक्ति को भी प्रगणक के रूप में नियुक्त कर सकेगा।
मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों को निर्देश जारी
उत्तर प्रदेश शासन ने जनगणना कार्य के लिए पर्याप्त मानव संसाधन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। प्रमुख सचिव सामान्य प्रशासन एसबीएस रंगा राव ने इस संबंध में सभी मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं।
निर्देशों में कहा गया है कि संशोधित नियमों के तहत विभिन्न विभागों, संस्थानों और प्रतिष्ठानों से कर्मचारियों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि जनगणना कार्य समय से और व्यवस्थित ढंग से पूरा कराया जा सके।
शिक्षकों के साथ अन्य कर्मचारियों की भी लग सकती है ड्यूटी
नई व्यवस्था के बाद जनगणना कार्य में मानव संसाधन की उपलब्धता बढ़ने की उम्मीद है। आवश्यकता के अनुसार सरकारी और निजी शैक्षणिक संस्थानों के शिक्षक, बैंक कर्मचारी, सार्वजनिक उपक्रमों के कर्मचारी तथा अन्य संस्थानों के अधिकारी एवं लिपिक भी प्रगणक के रूप में तैनात किए जा सकेंगे।
इससे जनगणना कार्य के लिए केवल सरकारी शिक्षकों और कर्मचारियों पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है।
महत्वपूर्ण: जनगणना में प्रगणक के रूप में नियुक्ति के लिए संशोधित नियमों के तहत पात्र व्यक्तियों का दायरा बढ़ाया गया है। हालांकि, किस कर्मचारी की ड्यूटी लगाई जाएगी, यह संबंधित प्रशासन की आवश्यकता और जारी किए जाने वाले आदेशों पर निर्भर करेगा।
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