योगी सरकार ने उत्तर प्रदेश के राज्य कर्मियों की वर्षिक प्रविष्टि रिपोर्ट (एसीआर) में होने वाले खेल पर रोक लगाने के लिए इसे ऑनलाइन भरना अनिवार्य कर दिया है। प्रमुख सचिव एम. देवराज ने सोमवार को जारी शासनादेश जारी करते हुए इसकी समय सीमा तय कर दी है। समूह ‘क’ और ‘ख’ श्रेणी के अधिकारियों तथा समूह ‘ग’ व ‘घ’ की प्रविष्टियां को मानव संपदा पोर्टल पर ऑनलाइन वार्षिक प्रविष्टि भरनी होगी।
शासनादेश के मुताबिक 30 अप्रैल तक वर्कफ्लो जनरेट करना होगा। समूह ‘क’, ‘ख’ और ‘ग’ के अधिकारी-कर्मचारी 31 मई 2026 तक स्वयं ‑मूल्यांकन पोर्टल पर भरेंगे। समूह ‘घ’ के कर्मचारियों के लिए स्वयं‑ मूल्यांकन नहीं होगा, उनकी प्रविष्टि नियंत्रक अधिकारी द्वारा की जाएगी। इसके बाद प्रतिवेदक को 31 जुलाई तक, समीक्षक को 30 सितंबर तक और स्वीकर्ता प्राधिकारी को 31 दिसंबर तक अपनी टिप्पणी दर्ज करनी होगी। वार्षिक प्रविष्टियों का डिस्क्लोजर 31 दिसंबर तक रहेगा। प्रतिकूल प्रविष्टियों के विरुद्ध 15 फरवरी तक प्रत्यावेदन और 31 मार्च तक निस्तारण किया जाएगा।
हस्ताक्षर के लिए ई‑साइन और मोबाइल ओटीपी आधारित होगी। तय समय में प्रक्रिया पूरी न होने पर वार्षिक प्रविष्टियों को स्वतः अगले स्तर पर ऑटो‑फॉरवर्ड हो जाएगी, जबकि समय सीमा समाप्त होने के बाद प्रविष्टि प्रक्रिया स्वतः बंद मानी जाएगी। पीसीएस अधिकारियों की वार्षिक प्रविष्टि स्पैरो पोर्टल के माध्यम से ही भरी जाएगी।
एसीआर भरना अनिवार्य
योगी सरकार ने यूपी के सभी कर्मचारियों के लिए वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट (एसीआर) ऑनलाइन भरना अनिवार्य कर रखा है। वर्ष 2023-24 में मानव संपदा पोर्टल पर सिर्फ समूह क और ख के कर्मचारियों के लिए यह अनिवार्य हुआ था। 2025 में इसे प्रदेश के सभी कर्मचारियों के लिए अनिवार्य करते हुए आदेश जारी किया गया था कि समूह ग और घ कर्मचारियों को भी एसीआर भरना होगा। साल की शुरुआत में ही शासनादेश जारी कर इस संबंध में सभी विभागाध्यक्षों को निर्देश दिया गया था।
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