पैंट की पिछली जेब में पर्स रखने से दब रहीं नसें, न्यूरो संबंधी बीमारी के युवा हो रहे शिकार
प्रतापगढ़। पीछे की जेब में पर्स रखने की आदत हैं तो आप संभल जाएं। क्योंकि पर्स के दबाव में सायाटिका समेत अन्य नसें दब रहीं हैं। लोग न्यूरो संबंधी बीमारियों से पीड़ित हो रहे हैं। मेडिकल कॉलेज में इन दिनों इस तरह के रोज चार से छह मरीज पहुंच रहे हैं।
न्यूरो विशेषज्ञ नहीं होने से लोग परेशान हो रहे हैं। पीड़ितों को अस्थि रोग विशेषज्ञ व फिजियोथिरेपिस्ट के पास इलाज के लिए चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
पैंट की पिछली जेब में यदि मोटा पर्स रखा है और आप अधिक देर तक काम कर रहे हैं तो इससे पायरी फोर्मिस नामक मसल्स पर दबाव पड़ता है। इस मसल्स का संबंध सीधे सायटिका नस से होता है, जो पैरों तक पहुंचती है। पर्स मोटा होने और अधिक देर तक बैठकर काम करने के कारण मसल्स दबती है।
डॉक्टर मनोज खत्री के अनुसार आजकल लोग टाइट जींस या पैंट पहनते हैं। जेब में मोटा पर्स रखते हैं। देर तक बैठकर काम कर रहे हैं तो ऐसे लोगों को न्यूरोलॉजिकल दिक्कतें होती रहती हैं।
इसमें घुटने से नीचे वाली मांसपेशियों में दर्द पंजों में दर्द होता है। ध्यान नहीं दिया तो पीड़ित को न्यूरो की समस्या परेशान करती है।
अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ. जेपी वर्मा का कहना है कि पैंट के पीछे वाले हिस्से में पर्स न रखें और जब भी बैठना हो तो सीधा बैठे। पर्स रखना की आदत धीरे-धीरे एक बहुत बड़ी समस्या का रूप ले लेती है। साइटिका के जैसे लक्षण दिखाई देने लगते हैं ।
फिजियोथेरेपिस्ट राजीव त्रिपाठी ने बताया कि, पैंट की पिछली जेब में पर्स रखने से आपको एक नहीं कई नुकसान हो सकते हैं। कई लोग पर्स में पैसों के अलावा भी कई तरह के कार्ड, सिक्के आदि रखते हैं।
जिससे आपका पर्स सामान्य स्थिति से कई ज्यादा मोटा हो जाता है। जिससे वह शरीर पर गलत प्रभाव डालता है। आप कई तरह की नसों और हड्डियों की बीमारी से ग्रसित हो जाते हैं।
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