हरदोई। बेसिक शिक्षा विभाग में साक्षरता और वैकल्पिक शिक्षा से जुड़ी फाइलों को छह माह तक दबाने, जेम पोर्टल से सीधे खरीद की संस्तुति, ईसीसीई एजुकेटर और एआरपी की नियुक्ति प्रक्रिया में मनमानी को शासन ने गंभीरता से लिया है। बेसिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. अजीत सिंह पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की है। लखनऊ मंडल के संयुक्त शिक्षा निदेशक को इनकी जांच की जिम्मेदारी साैंपी गई है।
अपर मुख्य सचिव ने यह कार्रवाई जिलाधिकारी अनुनय झा की संस्तुति पर की है। डीएम ने सीडीओ के माध्यम से 19 मार्च को शासन को जांच की संस्तुति की थी। संयुक्त सचिव वेद प्रकाश राय ने मंगलवार को जारी पत्र में कहा कि हरदोई बीएसए डॉ. अजीत सिंह ने साक्षरता और वैकल्पिक शिक्षा से जुड़ी पत्रावलियों को छह माह देरी से अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत कीं। जेम पोर्टल पर निविदा प्रक्रिया का उल्लंघन करते हुए खरीदारी के लिए सीधे संस्तुति कर दी।
पत्र में कहा गया कि ईसीसीई एजुकेटर और एआरपी की नियुक्ति प्रक्रिया में भी मनमानी और देरी की गई। वहीं, खरीदारी संबंधी निविदा प्रक्रिया से जुड़ी बैठकों में गैरहाजिर वह रहे। इस कारण उनके खिलाफ जांच कराई जा रही है।
स्कूलों में झूलों की खरीदारी में भी रहे चर्चा में
परिषदीय स्कूलों में आउटडोर मैटेरियल मद में लगवाए जाने वाले झूले के सैंपल फेल हो गए थे। सीडीओ सान्या छाबड़ा के निर्देश पर समिति ने 10 मार्च को बीएसए कार्यालय में झूलों के सैंपल की जांच की थी। 127 स्कूलों में 50-50 हजार रुपये से पांच प्रकार के झूले लगवाए गए थे। इसकी निविदा प्रक्रिया में एक फर्म को काम मिला। सैंपल में दिए गए झूलों की गुणवत्ता और आपूर्ति में गड़बड़ी पर समिति ने जांच की थी। प्रथम दृष्टया झूलों की गुणवत्ता ठीक नहीं मिली थी।
एआरपी और ईसीसीई एजुकेटर के चयन में भी गड़बड़ी की हुई थीं शिकायतें
बेसिक शिक्षा विभाग में एकेडमिक रिर्सोस पर्सन (एआरपी) की चयन प्रक्रिया में भी गड़बड़ी की शिकायतें हुई थी। इसमें एआरपी के चयन के साथ ही ईसीसीई एजुकेटर की नियुक्ति प्रक्रिया में गड़बड़ी की बात आई थी। ईसीसीई एजुकेटर पद पर नियुक्ति प्रक्रिया में चर्चाओं के बाद बेसिक शिक्षा विभाग के कुछ कर्मचारी भी सुर्खियों में आए थे। इस पर डीएम और सीडीओ ने चयनित पात्र आवेदकों की सूची बनवाई थी।
बीएसए पर शासन ने विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी है। बीएसए के खिलाफ शासन को आरोप पत्र भेजा गया था उसी पर कार्रवाई हुई है। विभागीय जांच के बाद आगे का निर्णय भी शासन स्तर पर ही लिया जाएगा।
-अनुनय झा, जिलाधिकारी
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