टीईटी अनिवार्यता से छूट की योजना नहीं, संसद में केंद्र ने दी जानकारी – UpdateMarts| PRIMARY KA MASTER | SHIKSHAMITRA | Basic Shiksha News

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शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) को लेकर संसद में केंद्र सरकार द्वारा दिए गए स्पष्ट जवाब के बाद उत्तर प्रदेश के शिक्षकों में चिंता और असमंजस है। 2011 से पहले नियुक्त शिक्षकों को टीईटी से पूरी तरह छूट दिए जाने की उम्मीद लगाए बैठे शिक्षक संगठनों को सरकार के रुख से बड़ा झटका लगा है। केंद्र सरकार ने साफ कर दिया है कि टीईटी न्यूनतम अनिवार्य योग्यता बनी रहेगी और इससे किसी तरह की सामूहिक छूट की फिलहाल कोई योजना नहीं है।

संसद में पूछे गए प्रश्न के लिखित जवाब में केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने बताया कि निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम (आरटीई), 2009 की धारा 23 के तहत राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) ने 23 अगस्त 2010 की अधिसूचना के माध्यम से कक्षा एक से आठवीं तक के शिक्षकों के लिए न्यूनतम योग्यता तय की थी, जिसमें टीईटी उत्तीर्ण करना अनिवार्य है। सर्वोच्च न्यायालय ने एक सितंबर 2025 के अपने निर्णय में टीईटी को अनिवार्य योग्यता माना है।

जिन सेवागत शिक्षकों की सेवा में पांच वर्ष से अधिक समय शेष है, उन्हें नियुक्ति की तिथि से दो वर्ष के भीतर टीईटी पास करना अनिवार्य होगा। जिन शिक्षकों की सेवा में पांच वर्ष से कम समय शेष है, वे टीईटी पास किए बिना सेवामुक्ति तक सेवा में बने रह सकते हैं, लेकिन टीईटी पास किए बिना ऐसे शिक्षक पदोन्नति के पात्र नहीं होंगे। इस जवाब से प्रदेश में टीईटी नहीं करने वाले 1.86 लाख शिक्षकों में फिर से बेचैनी बढ़ गई है।

अखिल भारतीय शिक्षक संघर्ष मोर्चा के राष्ट्रीय सह संयोजक एवं उत्तर प्रदेश बीटीसी शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष अनिल यादव का कहना है कि उम्मीद थी कि केंद्र सरकार शिक्षकों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए कानून लाकर उन्हें टीईटी से राहत देगी, लेकिन सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला देकर कोई ठोस राहत नहीं दी।

शिक्षक संघ के वरिष्ठ नेता निर्मल सिंह ने कहा कि शिक्षक पहले से ही वर्षों की सेवा देकर अपनी योग्यता सिद्ध कर चुके हैं। बढ़ती उम्र, पारिवारिक जिम्मेदारियों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के बीच परीक्षा की तैयारी करना मानसिक तनाव का कारण बन रहा है। विश्वास है कि सरकार शिक्षकों के हित में निर्णय लेकर उन्हें टीईटी से छूट प्रदान करेगी।

संसद में केंद्र ने दी जानकारी

• 2011 से पहले नियुक्त शिक्षकों को राहत नहीं, प्रदेश के 1.86 लाख अध्यापक सीधे प्रभावित

• केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने अपने उत्तर में टीईटी को अनिवार्य योग्यता बताया

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