प्रयागराज। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश पर पीसीएस जे परीक्षा-2022 के 23 परीक्षार्थियों के प्राप्तांकों का विवरण 24 घंटे में जारी कर दिया, लेकिन बाकी परीक्षार्थियों के प्राप्ताकों के साथ कटऑफ का कोई अतापता नहीं है।
इससे सवाल उठ रहे हैं कि जब आयोग अभ्यर्थियों के प्राप्तांकों का विवरण तैयार कर चुका है तो उसे जारी करने में देर क्यों कर रहा है। पीसीएस जे मुख्य परीक्षा में 50 अभ्यर्थियों की कॉपियां आपस में बदल गई थीं, जिसकी वजह से अभ्यर्थियों को एक-दूसरे के अंक मिल गए थे।
इसके चलते योग्य अभ्यर्थी चयन से वंचित हो गए थे। मामला हाईकोर्ट में जाने के बाद आयोग को मुख्य परीक्षा का संशोधित परिणाम जारी करना पड़ा, जिसमें पांच अभ्यर्थियों को इंटरव्यू के लिए
अलग से सफल घोषित किया गया। नों अभ्यर्थियों के साक्षात्कार के
बाद आयोग ने अंतिम चयन परिणाम संशोधित किया था, जिसमें दो नए अभ्यर्थियों का चयन हुआ था और पूर्व में चयनित दो अभ्यर्थी बाहर हो गए थे।
हाईकोर्ट ने छह दिसंबर को आदेश दिया कि उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग सात दिसंबर तक सभी 23 याचिकाकर्ताओं के प्राप्तांक जारी कर दे और आयोग ने निधर्धारित समय सीमा में प्राप्तांकों का विवरण जारी कर भी दिया।
मुख्य परीक्षा में कुल 3019 परीक्षार्थी शामिल हुए थे और इनमें से 2996 परीक्षार्थियों को अपने प्राप्तांक का अभी भी इंतजार है। प्राप्तांक के साथ आयोग ने अब तक कटऑफ अंक भी जारी नहीं किए हैं।
ऐसे में अभ्यर्थियों को न तो यह पता है कि मुख्य परीक्षा में उन्हें कितने अंक मिले और न ही यह मालूम हो सका है कि वे चयन से कितने अंक दूर रह गए।
प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति के मीडिया प्रभारी प्रशांत पांडेय का कहना है कि पूर्व में आयोग परीक्षा के अंतिम चयन परिणाम वाले दिन प्राप्तांक व कटऑफ अंक जारी कर देता था लेकिन पिछले कुछ वर्षों से इसमें विलंब होने लगा है।
Basic Shiksha Khabar | PRIMARY KA MASTER | SHIKSHAMITRA | Basic Shiksha News | Primarykamaster | Updatemarts | Primary Ka Master | Basic Shiksha News | Uptet News | primarykamaster | SHIKSHAMITRA
.jpg)




