लखनऊ। राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालयों के तदर्थ शिक्षकों को शीघ्र ही स्थायी किया जाएगा। इसके लिए नियमावली में संशोधन के लिए शीघ्र ही समाज कल्याण निदेशक रिपोर्ट शासन को सौंपेगे। इससे करीब 970 शिक्षकों को फायदा मिलेगा
प्रदेश में समाज कल्याण विभाग के 100 राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय हैं। यहां बच्चों को रहने खाने की व्यवस्था के साथ कक्षा-12 तक मुफ्त शिक्षा की व्यवस्था है। इन स्कूलों में वर्ष 2008 या उसके बाद अलग-अलग समय पर करीब 970 शिक्षक तदर्थ व्यवस्था के तहत रखे गए हैं। इन शिक्षकों को नियमित शिक्षकों की भांति मूल वेतन और महंगाई भत्ते के आधार पर मानदेय दिया जा रहा है।
ये शिक्षक लंबे समय से विनियमित किए जाने की मांग कर रहे हैं। इस संबंध में समाज कल्याण
मंत्री असीम अरुण ने विभाग के निदेशक कुमार प्रशांत की अध्यक्षता में कमेटी का गठन करके मामलों का परीक्षण कराने को कहा था। सूत्रों के मुताबिक, कमेटी की रिपोर्ट तैयार है और इसकी सिफारिशें तदर्थ शिक्षकों के लिए सकारात्मक हैं। बता दें, कार्मिक विभाग की अधिसूचना के अनुसार, 31 दिसंबर 2001 तक नियुक्त कार्मिकों को ही विनियमित करने का प्रावधान है। इसलिए आश्रम पद्धति स्कूलों के शिक्षकों को विनियमित करने के लिए प्रस्ताव को कैबिनेट की मंजूरी जरूरी है। ब्यूरो
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