ग्रामीण स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी, शहरी विद्यालयों में जरूरत से अधिक तैनाती का आरो

primarymaster.in


 ग्रामीण स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी, शहरी विद्यालयों में जरूरत से अधिक तैनाती का आरो

प्रयागराज: उत्तर प्रदेश राजकीय शिक्षक संघ ने प्रदेश के ग्रामीण और शहरी राजकीय विद्यालयों में प्रधानाचार्य, प्रवक्ता और शिक्षकों की तैनाती में असंतुलन का आरोप लगाया है। संघ ने अपर मुख्य सचिव (माध्यमिक शिक्षा) से तत्काल हस्तक्षेप की मांग करते हुए चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर समस्या का समाधान नहीं हुआ तो इलाहाबाद हाईकोर्ट में वाद दायर किया जाएगा।

संघ का कहना है कि प्रदेश के कई ग्रामीण राजकीय इंटर कॉलेज गंभीर शिक्षक संकट से जूझ रहे हैं। उदाहरण के तौर पर राजकीय इंटर कॉलेज बार, ललितपुर में करीब 850 विद्यार्थी पंजीकृत हैं, लेकिन वहां प्रधानाचार्य और एक भी प्रवक्ता नहीं है। विद्यालय केवल दो सहायक अध्यापकों के भरोसे संचालित हो रहा है।

इसी तरह राजकीय इंटर कॉलेज कालिंजर, बांदा में करीब 860 विद्यार्थी हैं, लेकिन वहां भी प्रधानाचार्य और किसी भी विषय के प्रवक्ता का पद रिक्त है। पिछले तीन वर्षों से केवल तीन सहायक अध्यापकों के सहारे विद्यालय चल रहा है। वहीं जीआईसी पैलानी, बांदा में 1200 से अधिक छात्र होने के बावजूद केवल प्रधानाचार्य और दो सहायक अध्यापक कार्यरत हैं।

शहरी विद्यालयों में आवश्यकता से अधिक तैनाती का आरोप

संघ ने आरोप लगाया है कि इसके विपरीत लखनऊ सहित कुछ शहरी राजकीय विद्यालयों में आवश्यकता से अधिक प्रधानाचार्य, उपप्रधानाचार्य, प्रवक्ता और सहायक अध्यापकों की तैनाती की गई है।

संघ के अनुसार जीआईसी निशातगंज में लगभग 500 विद्यार्थियों के बावजूद एक प्रधानाचार्य, दो उपप्रधानाचार्य और पर्याप्त संख्या में शिक्षक तैनात हैं। इसी प्रकार जुबिली राजकीय विद्यालय में भी आवश्यकता से अधिक स्टाफ होने का दावा किया गया है।

80% हाईस्कूलों में विषय विशेषज्ञ शिक्षकों का अभाव

राजकीय शिक्षक संघ का दावा है कि प्रदेश के करीब 80 प्रतिशत हाईस्कूलों में गणित, विज्ञान, अंग्रेजी और संस्कृत जैसे महत्वपूर्ण विषयों के शिक्षक पिछले लगभग 10 वर्षों से उपलब्ध नहीं हैं।

संघ के प्रांतीय संरक्षक रामेश्वर पांडेय और प्रांतीय संरक्षिका छाया शुक्ला ने मांग की है कि ग्रामीण विद्यालयों में प्राथमिकता के आधार पर प्रधानाचार्यों, प्रवक्ताओं और शिक्षकों की नियुक्ति की जाए। साथ ही 30 जुलाई को विभिन्न संस्थानों में किए गए पदस्थापनों को निरस्त कर अधिकारियों को रिक्त राजकीय विद्यालयों में भेजने की मांग भी उठाई गई है।

ग्रामीण स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी, शहरी विद्यालयों में जरूरत से अधिक तैनाती का आरो

Rating: 4.5
Diposkan Oleh:
UP UPDATEMART

Basic Shiksha Khabar | PRIMARY KA MASTER | SHIKSHAMITRA | Basic Shiksha News | Primarykamaster | Updatemarts | Primary Ka Master | Basic Shiksha News | Uptet News | primarykamaster | SHIKSHAMITRA

Leave a Comment

WordPress Emporium Sørina – Creative Portfolio WordPress Theme Stack – Clean Responsive Bootstrap 4 Admin Dashboard Template Stack – Multi Purpose HTML with Page Builder StaffScout – Job Board and Employment WordPress Theme Stamin – Fitness and Gym WordPress Theme Stamp – Vibrant WordPress Theme Star Deal – Multipurpose WooCommerce Theme Stardust – Multi-Purpose Portfolio WordPress Theme StarTec – Saas Elementor Template Kit Startio – Saas & Digital Agency Elementor Template Kit