आरओ/एआरओ पर निर्णय का इंतजार, अब आंदोलन की तैयारी

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 प्रयागराज। समीक्षा अधिकारी (आरओ)/ सहायक समीक्षा अधिकारी (एआरओ) प्रारंभिक परीक्षा-2023 की तिथि घोषित होने का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों का सब्र अब टूटने लगा है। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर छात्रों में असंतोष बढ़ा है।

उन्होंने परीक्षा के लिए एक बार फिर आंदोलन की तैयारी कर ली है।

उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) ने 11 फरवरी 2024 को आरओ/एआरओ प्रारंभिक परीक्षा-2023 पेपर लीक होने के कारण निरस्त कर दी थी।

इसके बाद यह परीक्षा दिसंबर 2024 में प्रस्तावित की गई थी।

लेकिन, परीक्षा दो दिन व तीन पालियों में कराने के निर्णय का अभ्यर्थियों ने विरोध किया और नवंबर-2024 में आयोग के खिलाफ व्यापक आंदोलन किया।

अभ्यर्थी चाहते थे कि परीक्षा पूर्व की भांति एक ही दिन में पूरी करा ली जाए। हालांकि, आयोग ने समस्या का समाधान नहीं निकाला, बल्कि इस मामले को टालने के

लिए परीक्षा को ही टाल दिया। आयोग ने एक कमेटी का गठन कर अभ्यर्थियों को आश्वस्त किया कि जल्द रिपोर्ट आ जाएगी। इसके बाद परीक्षा के प्रारूप व तिथि पर निर्णय लिया जाएगा।

फिलहाल, कमेटी के गठन को चार माह पूरे होने जा रहे हैं। लेकिन, आयोग अब तक प्रारंभिक परीक्षा के प्रारूप और परीक्षा तिथि पर कोई निर्णय नहीं ले सका है। वहीं, आरओ/एआरओ के 411 पदों पर भर्ती के लिए 1076004 लाख अभ्यर्थी परीक्षा तिथि घोषित होने का इंतजार कर रहे हैं। आयोग कि किसी भी परीक्षा के लिए पहली बार

इतनी बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने आवेदन किए हैं।

नवंबर-2024 में हुए आंदोलन के नेतृत्वकर्ताओं में से एक आशुतोष पांडेय ने मम्फोर्डगंज के शिवाजी पार्क में अभ्यर्थियों के साथ बैठक की। उसमें तय किया गया कि अगर आयोग जल्द परीक्षा तिथि घोषित नहीं करता है तो होली के बाद एक बार फिर आयोग पर नवंबर-2024 की तरह व्यापक स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।

पीसीएस-2024 के रिजल्ट के खिलाफ कोर्ट जाएंगे अभ्यर्थी

बैठक में यह भी तय हुआ कि पीसीएस-2024 की प्रारंभिक परीक्षा

के रिजल्ट के खिलाफ अभ्यर्थी कोर्ट जाएंगे। प्रतियोगी छात्र आशुतोष पांडेय ने कहा कि आयोग ने पीसीएस प्री-2024 की अंतिम उत्तरकुंजी जारी नहीं की। जबकि, प्रारंभिक परीक्षा में एक दर्जन गलत सवाल पूछे गए थे।

आयोग ने उन सवालों पर आई आपत्तियों का निराकरण किया या नहीं, किसी को नहीं पता। आयोग कुछ भी स्पष्ट करने को तैयार नहीं है। ऐसे में अभ्यर्थियों के सामने एक ही रास्ता है कि वे न्यायालय का दरवाजा खटखटाएं। प्रस्तावित आंदोलन में भी यह मुद्दा जोर-शोर से उठाया जाएगा।

विभागीय परीक्षाएं 30 अप्रैल से नौ मई तक

प्रयागराज। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) की ओर से 30 अप्रैल से नौ मई तक विभागीय परीक्षाएं-2024 होंगी। पहले ये 15 से 24 फरवरी तक प्रस्तावित थीं। लेकिन, महाकुंभ के मद्देनजर स्थगित कर दी गई थीं। परीक्षा का विस्तृत कार्यक्रम आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध है।परीक्षाएं दो सत्रों में सुबह नौ से दोपहर 12 बजे और अपराह्न दो से शाम पांच बजे तक होंगी। परीक्षा नियंत्रक हर्ष देव पांडेय के अनुसार विभागीय परीक्षाएं-2024 प्रयागराज स्थित उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के परीक्षा भवन (भूमितल) में होंगी। इसमें शामिल होने वाले अभ्यर्थियों (कार्मिकों) को पूर्व में जारी किए गए प्रवेश पत्र ही मान्य होंगे। जिनको प्रवेश पत्र नहीं मिले हैं, वे परीक्षा वाले दिन सुबह आठ बजे आयोग के विभागीय परीक्षाएं अनुभाग से उसकी दूसरी प्रति प्राप्त कर लें। ब्यूरो

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