दिल्ली, एजेंसी। वायु प्रदूषण फेफड़ों के कैंसर से होने वाली मौतों की बड़ी वजह बन रहे हैं। भारत, चीन, पाकिस्तान, बांग्लादेश व नाइजीरिया में 25% मौतों के लिए वायु प्रदूषण जिम्मेदार हैं। पार्टिकुलेट मैटर (पीएम 2.5) ) से संबंधित कैंसर से सबसे अधिक मौतें हो रहीं हैं। यह दावा यूनिवर्सिटी ऑफ मियामी मिलर स्कूल ऑफ मेडिसिन के सिल्वेस्टर कॉम्प्रिहेंसिव कैंसर सेंटर व सहयोगी संगठनों के शोधकर्ताओं ने अध्ययन के बाद किया है। शोध के अनुसार, तंबाकू के बाद वायु प्रदूषण कैंसर के लिए सबसे आम कारण बन गया है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, फेफड़ों का कैंसर दुनिया भर में कैंसर से संबंधित मौत की प्रमुख वजह है। शोधकर्ताओं ने कैंसर के खतरों के बारे में जागरूकता बढ़ाने के महत्व पर जोर दिया। चीन में सबसे अधिक मौतें वायु प्रदूषण के कारण होनेवाले फेफड़ों के कैंसर से हुई हैं।- WHO
तंबाकू से मौतें कम हुईं
अध्ययन में पाया गया कि तंबाकू होनेवाले कैंसर से होने वाली मौतों का प्रतिशत 1990 में 72% से घटकर 2019 में 66% हो गया, हालांकि चीन और इंडोनेशिया जैसे कुछ देशों में अभी भी तंबाकू से संबंधित कैंसर मृत्यु दर में बढ़ोत्तरी हुई है। शोधकर्ताओं ने कहा कि तंबाकू का बोझ अभी भी महत्वपूर्ण है।
Basic Shiksha Khabar | PRIMARY KA MASTER | SHIKSHAMITRA | Basic Shiksha News | Primarykamaster | Updatemarts | Primary Ka Master | Basic Shiksha News | Uptet News | primarykamaster | SHIKSHAMITRA






