सामंजन की प्रक्रिया में “अधिक शिक्षक” का निर्धारण संबंधित विद्यालय में कार्यरत अवधि के आधार पर किया जाएगा।

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 सामंजन की प्रक्रिया में “अधिक शिक्षक” का निर्धारण संबंधित विद्यालय में कार्यरत अवधि के आधार पर किया जाएगा।

उदाहरण के लिए, यदि किसी विशिष्ट शिक्षक की बहाली वर्ष 2003 में हुई है, लेकिन वे स्थानांतरण के माध्यम से वर्ष 2025 में वर्तमान विद्यालय में आए हैं, जबकि उसी विद्यालय में कार्यरत किसी विद्यालय अध्यापक की बहाली वर्ष 2023 में हुई है और वे वर्ष 2023 से लगातार उसी विद्यालय में कार्यरत हैं, तो ऐसी स्थिति में विद्यालय अध्यापक को संबंधित विद्यालय में अधिक समय से कार्यरत माना जाएगा।

अर्थात, सामंजन के लिए सेवा अवधि की गणना संबंधित विद्यालय में कार्यरत रहने की अवधि के आधार पर की जाएगी, न कि केवल प्रारंभिक नियुक्ति वर्ष के आधार पर।

सामंजन की प्रक्रिया में “अधिक शिक्षक” का निर्धारण संबंधित विद्यालय में कार्यरत अवधि के आधार पर किया जाएगा।

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