देवरिया। विकास क्षेत्र देवरिया सदर के कंपोजिट विद्यालय असना में जीव विज्ञान आधारित विज्ञान प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। प्रदर्शनी में कक्षा 6, 7 और 8 के छात्र-छात्राओं ने विभिन्न वैज्ञानिक मॉडलों का प्रदर्शन कर अपनी प्रतिभा, हुनर और रचनात्मक कौशल का परिचय दिया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश बीटीसी शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष अनिल यादव ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि “किताबें ज्ञान देती हैं, लेकिन प्रदर्शनी उस ज्ञान को जीवंत कर देती है। प्रदर्शनी बच्चों को सिर्फ पास होने वाला नहीं, बल्कि सोचने वाला इंसान बनाती है।”
उन्होंने कहा कि विज्ञान प्रदर्शनी के माध्यम से रटने की बजाय बच्चों के कॉन्सेप्ट स्पष्ट होते हैं। “देखा + किया = सीखा” के फॉर्मूले से बच्चों का सीखना अधिक प्रभावी और स्थायी बनता है। प्रदर्शनी से बच्चों में जिज्ञासा, सवाल पूछने की आदत, आत्मविश्वास, समस्या समाधान और टीमवर्क जैसे कौशल विकसित होते हैं।
बच्चों ने प्रस्तुत किए आकर्षक मॉडल
छात्र-छात्राओं द्वारा ह्यूमन ब्लड सर्कुलेशन, एक्सक्रेटरी सिस्टम, इकोलॉजिकल पिरामिड, डायलिसिस प्रक्रिया, स्कोप ऑफ बायोलॉजी, डीएनए, सस्टेनेबल एग्रीकल्चर, एनिमल सेल, ब्रेन न्यूरॉन, खाद्य श्रृंखला, मस्तिष्क की संरचना, शरीर का संदेश मस्तिष्क तक कैसे पहुंचता है सहित विभिन्न विषयों पर मॉडल तैयार किए गए। इसके अलावा माइक्रोस्कोप के माध्यम से भी बच्चों ने विज्ञान को समझने का प्रयास किया।
विद्यालय के प्रधानाचार्य शैलेंद्र नाथ चौबे ने विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए मॉडलों और विज्ञान को रोचक तरीके से समझने-समझाने के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने बच्चों का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि इस तरह की गतिविधियां विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
प्रदर्शनी को सफल बनाने में विद्यालय के विज्ञान शिक्षक रामप्रताप यादव एवं अवनीश कुमार का विशेष योगदान रहा।
इस अवसर पर ग्राम प्रधान कृष्णावती देवी, ग्राम सचिव राम प्रवेश प्रसाद, राजकुमार, उग्रसेन प्रसाद, पूनम देवी, पार्वती देवी, नासरीन, निजुल, दया देवी, मंजू देवी, सलमा खातून, नुजहत निशा, कालिंदी देवी, अमर कुमार, जोहरा खातून, प्रेमशिला, जय प्रकाश, अजय कुमार, बृजेश कुमार, राजीव चौहान, एसके देवरा, रूपराज सिसौदिया, संजय चौहान, मुकेश कुमार, कामेन्द्र कुमार सहित शिक्षक, अभिभावक एवं अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।
कार्यक्रम के दौरान शिक्षक-अभिभावक मासिक बैठक भी आयोजित की गई। अभिभावकों ने बच्चों द्वारा तैयार किए गए वैज्ञानिक मॉडलों की सराहना करते हुए उनके प्रयासों और प्रतिभा की प्रशंसा की।
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