सेना में करियर बनाने की इच्छुक महिलाओं के लिए प्रवेश के नए रास्ते खुल रहे हैं। मौजूदा समय में पांच भर्ती योजनाओं के जरिए महिलाएं सेना में प्रवेश पा रही हैं। सिर्फ दो किस्म की भर्तियों में महिलाओं के लिए अभी मौके नहीं हैं। सूत्रों की मानें तो आने वाले समय में ये दो रास्ते भी महिलाओं के लिए खोले जा सकते हैं।
सेना में 2026 में चार साल का प्रशिक्षण पूरा कर एनडीए के जरिए महिला अफसरों का पहला बैच निकलेगा। तीन अन्य प्रकार की भर्तियां सीधे अफसरों के रुप में होती हैं। इनमें ग्रेजुएट यूपीएससी योजना जिसे एसएससी नान टैक्निकल भी कहा जाता है। इसके जरिए हर साल 12 महिला अधिकारियों की भर्ती होती है। ग्रेजुएट नान यूपीएससी भर्ती योजना में चार महिला अफसरों की भर्ती होती है। इस योजना को एसएससी एनसीसी भी कहा जाता है। इसमें एनसीसी का सी सार्टिफिकेट होना जरूरी होता है। ग्रेजुएट टेक्निकल एंट्री स्कीम के जरिए भी हर साल 20 महिला अफसर सेना में भर्ती की जाती हैं।
महिला अफसरों को सेना में अब चुनौती नहीं
सेना में जब एनडीए के जरिए महिला कैडेट्स को एंट्री दी गई तो आवास आदि से जुड़ी चुनौतियां थीं जिन्हें दूर कर लिया गया। चूंकि अर्द्ध सैनिक बलों की भांति सेना में जवान के तौर पर महिलाएं कार्यरत नही हैं इसलिए कोई अन्य चुनौतियां नही हैं। सेना में महिला जवान सिर्फ सैन्य पुलिस में हैं जिनकी तैनाती चुनौतिपूर्ण स्थानों में नहीं होती है।
टेरिटोरियल आर्मी में भी मौका मुमकिन
महिलाओं की सैन्य पुलिस में भर्ती अभी ज्यादा पुरानी नहीं है। लेकिन आगे इस रास्ते से भी महिलाओं को भर्ती के मौके दिए जा सकते हैं। टेरिटोरियल आर्मी पुरुषों की सेना में भर्ती का एक रास्ता है जो अभी महिलाओं के लिए नहीं खुला है। रक्षा मंत्रालय के समक्ष इस रास्ते से भी महिलाओं की भर्ती के अनुरोध प्राप्त हो रहे हैं। भविष्य में टीए के जरिए भी महिलाओं की भर्ती सेना में हो सकती है।
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