जेपी विद्यालयों में नियम विरुद्ध पदोन्नतियों की जांच तेज, अधिकारियों से मांगा गया जवाब
लखनऊ। समाज कल्याण विभाग के अंतर्गत संचालित जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालयों में नियमों के विरुद्ध की गई पदोन्नतियों की जांच अब तेज हो गई है। मामले में करीब 100 प्रवक्ताओं को गलत तरीके से प्रधानाचार्य पद पर पदोन्नत किए जाने की जांच चल रही है।
नियुक्ति विभाग से उच्चस्तरीय सहमति मिलने के बाद अब तत्कालीन प्रमुख सचिव, सचिव और विशेष सचिव से लिखित जवाब मांगा जा रहा है। साथ ही सचिवालय प्रशासन विभाग के चार अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई के लिए पत्र भेजा गया है।
जानकारी के अनुसार, 24 नवंबर 2023 को हुई एक बैठक में प्रवक्ता और प्रधानाचार्य (इंटर अनुभाग) के बीच उप प्रधानाचार्य का पद सृजित कर पदोन्नति करने का प्रस्ताव तय किया गया था। इसके बावजूद बिना निर्धारित प्रक्रिया अपनाए सीधे पदोन्नतियां कर दी गईं।
बताया जा रहा है कि वेतनमान में 4800 और 7600 ग्रेड पे के बीच दो अन्य ग्रेड पे (5400 और 6600) भी होते हैं, लेकिन इनको नजरअंदाज कर पदोन्नतियां की गईं, जो नियमों के विरुद्ध है।
जांच में यह भी सामने आया कि पदोन्नति के बाद समाज कल्याण विभाग में तैनात एक समीक्षा अधिकारी ने पूरे मामले को उजागर किया, जिसके बाद शासन स्तर से सभी पदोन्नतियां निरस्त कर दी गईं।
इसके अलावा विभाग के उप निदेशक और योजना प्रभारी के खिलाफ भी उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली 1999 के तहत जांच के आदेश दिए गए हैं।
शासन ने समीक्षा अधिकारी, अनुभाग अधिकारी, उप सचिव और विशेष सचिव स्तर के अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने के लिए सचिवालय प्रशासन विभाग को पत्र भेजा है।
सूत्रों के अनुसार, संबंधित अधिकारियों से जवाब मिलने के बाद जांच को अंतिम रूप दिया जाएगा और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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