लखनऊ,। प्रदेश के 288 गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों को सरकार ने बस एक अंतिम मौका देने का निर्णय किया है। आरटीई (शिक्षा का अधिकार अधिनियम) के मानदंडों पर खरा नहीं उतरने पर यू डायस द्वारा चिन्हित इन स्कूलों को अगले सत्र से पहले तय मानकों को पूरा करना होगा।
मानदंडों पर खड़ा नहीं उतरने पर इनके खिलाफ विधिक कार्यवाही की जाएगी। ये ऐसे विद्यालय हैं जिसने कक्षा एक से पांच तक या कक्षा एक से कक्षा छह तक अथवा कक्षा आठ तक की मान्यता लेकर 10वीं व 12वीं तक की पढ़ाई करा रहे हैं और 10 वीं एवं 12 वीं की यूपी बोर्ड की परीक्षा के लिए दूसरे स्कूलों से
पंजीयन करा रहे हैं या प्राइवेट से परीक्षा दिलवाते हैं। चिन्हित इन स्कूलों में इस साल 22682 विद्यार्थी अवैध रूप से पंजीकृत हैं।
जुर्माना व दंड का प्रावधान
जो स्कूल निर्धारित मानदंडों और मानकों का पालन नहीं करते हैं, उन्हें प्रस्तावित अधिनियम के लागू होने की तारीख से तीन वर्ष के भीतर ऐसा करना था। यदि कोई स्कूल मानदंडों – मानकों का पालन नहीं करता है, तो उसे जुर्माना या अन्य दंड का सामना करना पड़ सकता है।
मानदंड और मानक-
धारा 19 स्कूलों के लिए न्यूनतम बुनियादी ढाँचे, शिक्षक-छात्र अनुपात, और अन्य आवश्यक सुविधाओं जैसे मानकों को निर्धारित करती है। सभी स्कूल, चाहे वे सरकारी हों या निजी, को इन मानदंडों और मानकों का पालन करना होगा
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