ज्यादा दूध पीने से भी बच्चों की सेहत खराब हो रही है। वे कब्ज की चपेट में आ रहे हैं। दिन भर में प्रति बच्चा 300 मिलीलीटर दूध काफी है, लेकिन वे एक लीटर से अधिक पी रहे हैं। इससे इनमें खून की कमी, मोटापा समेत दूसरी समस्याएं बढ़ रही हैं।
पीजीआई के पीडियाट्रिक गैस्ट्रोइंट्रोलॉजी विभाग की ओपीडी में दिखाने आए बच्चों की स्क्रीनिंग में ये तथ्य सामने आए हैं। पीजीआई की ओपीडी में हर महीने दूसरे अस्पतालों से कब्ज की समस्या वाले 120 बच्चे रेफर होकर आ रहे हैं। पीडियाट्रिक गैस्ट्रोएंटरोलॉजिस्ट डॉ. मोइनक सेन शर्मा ने बताया कि विभाग की ओपीडी में ये बच्चे पेट में सूजन, गैस, दस्त और पेट में ऐंठन की समस्या के साथ आते हैं। तीन माह में करीब 350 बच्चों की स्क्रीनिंग व जांच में 5 वर्ष तक के 80बच्चों तथा इससे अधिक उम्र के 20 में कब्ज की समस्या मिली। कब्ज होने से इनका मल सख्त हो जाता है। दो से तीन दिन ये शौच करने नहीं जाते हैं।
सामान्य कब्ज वाले बच्चे उपचार एवं खानपान में बदलाव से सही हो जाते हैं ।
इन कारणों से समस्या
● अधिक मात्रा में दूध का सेवन
● सूखी खांसी व सर्दी में दी जाने वाली दवाएं
● खेलकूद व शारीरिक गतिविधि का कम होना
● मोबाइल-टीवी देखते समय शौच रोकना
● बाजार का खानपान
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