TET अनिवार्यता पर कुछ कानूनी चर्चा….🖊️
2017 के जिस संशोधन का हवाला देकर लोग बोल रहे हैं कि प्रत्येक शिक्षक के लिए #TET अनिवार्य है, आप लोग उसके निम्न पंक्तियों को ध्यान से पढ़ें 👇
‘Provided further that every teacher appointed or in positior as on the 3 1st March, 2015, who does not possess “minimum qualifications” as laid down under’
👉 आप लोग 2017 के संसोधन की उपरोक्त अंतिम पंक्ति को ध्यानपूर्वक पढ़ें इसमें स्पष्ट शिक्षकों के “मिनिमम क्वालिफिकेशन” को पूर्ण करने की बात करता है, न कि “TET”
✅ शिवकुमार पाठक बनाम उत्तर प्रदेश के केस में मा0 #सुप्रीमकोर्ट में #NCTE ने हलफनामा दायर कर यह स्पष्ट कहा था कि #tet क्वालिफिकेशन नहीं बल्कि एक “अहर्यता” है।
🎯 अतः बहुत ही स्पष्ट है कि 2017 के संसोधन में प्रत्येक शिक्षक को 23(1) को जिस “मिनिमम क्वालिफिकेशन” को पूर्ण करने की बात कर रहा है वह TET नहीं है बल्कि 23(1) में वर्णित “मिनिमम क्वालीफिकेशन” अर्थात प्रोफेशनल कोर्स(BEd, DeLd) से है।
#notes – इससे एकदम स्पष्ट है कि 2017 के संशोधन में जी “मिनिमम क्वालीफिकेशन” की बात की गई है वह #TET नहीं है। क्योंकि माननीय सुप्रीम कोर्ट में एनसीटी द्वारा हलफनामा से यह बात पूर्व में कही गई है कि “टेट” मात्र एक अर्हता परीक्षा है यह क्वालिफिकेशन नहीं है।
जिस क्वालिफिकेशन की बात संशोधन में कही गयी है वह वास्तव में प्रोफेशनल कोर्स से जुड़ी हुई बात है। इसके संदर्भ में शिक्षा मंत्रालय द्वारा इस संशोधन के बाद देश के सभी राज्यों को नोटिस जारी करके इस प्रोफेशनल कोर्स को पूरा करने के लिए निर्देशित किया गया था। C/p आभार राजेश सिंह टोनी जी के fb पोस्ट से 😊
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