यूपी के 25 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी

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 यूपी के 25 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी

प्रदेश में मानसून के प्रचंड वेग ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। राज्य पर बने दोहरे चक्रवाती परिसंचरण (साइक्लोनिक सर्कुलेशन) और ट्रफलाइन की सक्रियता के कारण प्रदेश भर में भारी बारिश का दौर थम नहीं रहा है। मौसम विभाग ने आगामी 48 घंटों के दौरान दक्षिणी उत्तर प्रदेश में बहुत भारी से अत्यधिक भारी वर्षा की चेतावनी जारी करते हुए 23 अगस्त तक प्रदेश के कई हिस्सों में मूसलाधार बारिश का सिलसिला बने रहने का पूर्वानुमान व्यक्त किया है।

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, झारखंड पर बना अवदाब कमजोर होकर हवा के निम्न दबाव में बदल रहा है। इसके साथ ही निचले क्षोभमंडल में पूर्वी यूपी पर बना चक्रवाती परिसंचरण और हिमालय की तराई से होकर गुजर रही मानसूनी द्रोणी के कारण प्रदेश में नमी का प्रवाह अत्यधिक मजबूत हुआ है।

इसके प्रभाव से अगले चार दिनों तक यूपी में भारी बारिश का यह सिलसिला थमता नजर नहीं आ रहा है।

मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, वर्तमान मानसूनी प्रणाली के चलते प्रदेश के दक्षिणी और मध्य हिस्सों में स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। मौसम विभाग ने चित्रकूट, प्रयागराज, सोनभद्र और मिर्जापुर जिलों में बहुत भारी से अत्यधिक भारी बारिश की संभावना जताई है।

इसके अलावा कौशाम्बी, चंदौली, बांदा, कन्नौज और कानपुर समेत 25 जिलों में भारी से बहुत भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं लखनऊ, प्रतापगढ़, वाराणसी, गाजीपुर, जौनपुर, सहारनपुर, आगरा, इटावा, औरैया और बरेली समेत 30 से अधिक जिलों में भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है।

नुकसान पर नजर रखें अधिकारी: केशव

लखनऊ। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने बारिश से हो रहे नुकसान कि खबरों का संज्ञान लेते हुए ग्राम्य विकास विभाग के अधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि अधिकारी लगातार नजर रखें।

और जनसामान्य की सुरक्षा एवं सहायता को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। उन्होंने निर्देश दिया है कि ब्लॉक एवं ग्राम स्तर पर तैनात अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में 24 घंटे निगरानी रखें।

जलभराव, सड़क या संपर्क मार्ग क्षतिग्रस्त होने, मकान गिरने, ग्रामीण क्षेत्रों में अन्य किसी प्रकार की क्षति होने या जनजीवन प्रभावित होने की सूचना प्राप्त होती है तो उसका तत्काल संज्ञान लिया जाए।

उन्होंने कहा कि वर्तमान वर्षा ऋतु को देखते हुए ग्राम्य विकास विभाग के अधिकारी अपने क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतें। ग्राम पंचायत स्तर तक अधिकारी एवं कर्मचारी स्थानीय परिस्थितियों पर लगातार नजर रखें। ग्रामीण क्षेत्रों में जलभराव, कच्चे मकानों, ग्रामीण मार्गों, नालियों, पुल-पुलियों तथा अन्य सार्वजनिक सुविधाओं पर वर्षा के प्रभाव की जानकारी समय-समय पर प्राप्त की जाए। अधिकारी केवल सूचना की प्रतीक्षा न करें, बल्कि अपने क्षेत्र में सक्रिय रूप से भ्रमण करते हुए स्थिति का जायजा लें। जहां भी वर्षा के कारण लोगों के सामने कठिनाई उत्पन्न हो रही हो, वहां संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर तत्काल आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

उप मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि वर्षा के कारण प्रभावित होने वाले परिवारों की हरसंभव मदद की जाए। किसी परिवार के आवास या अन्य संपत्ति को नुकसान पहुंचता है तो संबंधित अधिकारियों द्वारा मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया जाए और नियमानुसार राहत उपलब्ध कराने की कार्रवाई की जाए। आपदा या प्राकृतिक परिस्थितियों के कारण किसी भी नागरिक को अकेला महसूस नहीं होना चाहिए। प्रशासन और विभागीय अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि संकट की स्थिति में प्रभावित लोगों तक समय से सहायता पहुंचे। जरूरत पड़ने पर स्थानीय प्रशासन, राजस्व, पुलिस, स्वास्थ्य तथा अन्य संबंधित विभागों के साथ समन्वय करते हुए राहत एवं बचाव कार्यों को गति दी जाए।

यूपी के 13 जिलों के 173 गांव बाढ़ से प्रभावित

लखनऊ। यूपी में 13 जिलों के 173 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। बदायूं, बहराइच, बलिया, बाराबंकी, बिजनौर, फर्रुखाबाद, गौतमबुद्ध नगर, गोंडा, कासगंज, लखीमपुर खीरी, मुजफ्फरनगर, सीतापुर व उन्नाव हैं। इससे 13058 हेक्टेयर क्षेत्रफल व 84362 लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। बाढ़ से बचाव के लिए सभी जरूरी इंतजाम किए जा रहे हैं। राहत आयुक्त डा. हृषिकेश भास्कर यशोद ने मंगलवार को राहत कार्यों की समीक्षा की।

राहत आयुक्त ने सभी डीएम को निर्देश दिए कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में रह रहे लोगों को जरूरत के अनुसार बाढ़ राहत शिविरों व अन्य सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाएं। प्रभावित परिवारों को भोजन, चिकित्सा सुविधा व अन्य आवश्यक राहत सामग्री उपलब्ध कराई जाए।

परिवारों को भोजन, चिकित्सा सुविधा व आवश्यक राहत सामग्री उपलब्ध कराई जाए।

सभी बाढ़ चौकियों को पूरी तरह सक्रिय रखा जाए और नदियों के जलस्तर व बाढ़ की स्थिति की निरंतर निगरानी की जाए।

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पर्याप्त नाव,मोटर बोट, बचाव दल व अन्य आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराया जाए। उप्र राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण व संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम की संयुक्त टीम की ओर से बाढ़ से पूर्व बस्ती, सिद्धार्थनगर, संत कबीर नगर, आजमगढ़, मऊ व बलिया का स्थलीय निरीक्षण किया गया। तैयारियों का जायजा लिया गया।

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33300 लाइफ जैकेट व 1100 राहत किट दी गईं

वाराणसी में नाविकों को 33300 लाइफ जैकेट वितरित किए गए हैं। कानपुर में 1100 राहत किट तैयार की गईं हैं। हर किट में 26 सामग्री हैं। बाढ़ प्रभावित जिलों में भी राशन, भूसा किट बांटने की तैयारी पूरी कर ली गई है।

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बचाव की तैयारी व बचाव उपकरणों की व्यवस्था

कानपुर में गंगा, यमुना, पांडु, नोन व रिंग नदी के किनारे बसे 176 संवेदनशील गांवों पर प्रशासन की सीधी नजर है। गांवों में सुरक्षा के लिए 35 बाढ़ चौकियां व 101 शरणालय पहले ही तैयार कर लिए गए हैं। बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए 1100 राहत किट तैयार कर ली गई हैं। मेरठ मंगल में भी राहत व बचाव कार्य तेज कर दिए गए हैं।

लखनऊ, मुख्य संवाददाता। प्रदेश में मानसून के प्रचंड वेग ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। राज्य पर बने दोहरे चक्रवाती परिसंचरण (साइक्लोनिक सर्कुलेशन) और ट्रफलाइन की सक्रियता के कारण प्रदेश भर में भारी बारिश का दौर थम नहीं रहा है। मौसम विभाग ने आगामी 48 घंटों के दौरान दक्षिणी उत्तर प्रदेश में बहुत भारी से अत्यधिक भारी वर्षा की चेतावनी जारी करते हुए 23 अगस्त तक प्रदेश के कई हिस्सों में मूसलाधार बारिश का सिलसिला बने रहने का पूर्वानुमान व्यक्त किया है।

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, झारखंड पर बना अवदाब कमजोर होकर हवा के निम्न दबाव में बदल रहा है। इसके साथ ही निचले क्षोभमंडल में पूर्वी यूपी पर बना चक्रवाती परिसंचरण और हिमालय की तराई से होकर गुजर रही मानसूनी द्रोणी के कारण प्रदेश में नमी का प्रवाह अत्यधिक मजबूत हुआ है।

इसके प्रभाव से अगले चार दिनों तक यूपी में भारी बारिश का यह सिलसिला थमता नजर नहीं आ रहा है।

मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, वर्तमान मानसूनी प्रणाली के चलते प्रदेश के दक्षिणी और मध्य हिस्सों में स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। मौसम विभाग ने चित्रकूट, प्रयागराज, सोनभद्र और मिर्जापुर जिलों में बहुत भारी से अत्यधिक भारी बारिश की संभावना जताई है।

इसके अलावा कौशाम्बी, चंदौली, बांदा, कन्नौज और कानपुर समेत 25 जिलों में भारी से बहुत भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं लखनऊ, प्रतापगढ़, वाराणसी, गाजीपुर, जौनपुर, सहारनपुर, आगरा, इटावा, औरैया और बरेली समेत 30 से अधिक जिलों में भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है।

यूपी के 25 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी

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