पूरा नहीं हो रहा घर के नजदीकी स्कूल में आने का इंतज़ार
लखनऊ : अपने घर के
नजदीकी स्कूल में पहुंचने के लिए शिक्षा मित्रों ने पहले आठ साल इंतजार किया। काफी प्रयास के वाद इस साल जनवरी में यह यह शासनादेश भी हो गया कि उनको नजदीकी स्कूलों पहुंचने का एक मौका दिया जाएगा। इसके लिए उनके ट्रांसफर किए जाएंगे। तव से फिर वे इंतजार कर रहे है। वेसिक शिक्षा विभाग ने अब तक तवादला प्रक्रिया शुरू नहीं की है और न इस वावत कोई नया आदेश जारी किया है।
शिक्षक बने, फिर बन गए शिक्षा मित्र : सपा सरकार में प्रदेश के करीव 1.37
लाख शिक्षा मित्रों को शिक्षक वनाया गया था। शिक्षक बनने पर उनको दूसरे क्लॉक में पोस्टिंग दी गई थी। शिक्षक बनने की खुशी में उन्होंने दूर-दराज के स्कूलों में जाना स्वीकार कर लिया। उसके वाद सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर उनका वतौर शिक्षक किया गया समायोजन रद कर दिया गया। वे फिर से शिक्षा मित्र बन गए। ऐसे में उनका मानदेय फिर से 10 हजार ही रह गया लेकिन उनकी तैनाती वहीं रह गई जहां वे शिक्षक बन कर गए थे और वे अपने घर से दूर हो गए। वेसिक शिक्षा निदेशक प्रताप सिंह बघेल का कहना है कि कुछ तकनीकी दिक्कतें दूर करके जल्द ही तबादला प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
सरकार ने 2018 में शिक्षा मित्रो को अपने मूल विद्यालय में आने का मौका दिया था। ऐसे में करीव एक लाख शिक्षा मित्र तो उस समय वापस आ गए। वाकी करीब 35 हजार शिक्षा मित्र शिक्षक वनने उम्मीद में अपने मूल विद्यालय मे नही आए। उन्हे उम्मीद थी कि कोर्ट से लेकर सड़क तक लड़ाई लड़ी जा रही है। ऐसे में वे शिक्षक वन सकते है। नए शासनादेश ने उनको मौका दिया है कि वे अपने घर के नजदीकी स्कूल में आ सकते है लेकिन अव तक प्रकिया शुल न होने से निराश है।
कहां आ रही दिक्कत ?
दरअसल, कुछ ऐसी महिला शिक्षा मित्र भी है, जिनकी शादी हो गई है। कुछ की शादी दूसरे जिले में और कुछ की जिले मे ही काफी दूर हो गई है। शासनादेश के अनुसार उनको अपनी ससुराल के नजदीकी स्कूल में जाने का मौका भी मिलेगा। सूत्रों के अनुसार इसी को लेकर कुछ पेच फंस गया है। अधिकारी यह तर्क भी दे रहे है कि शिक्षा मित्र सविदा पर है। नियमित महिला शिक्षकों को तबादलों में ससुराल का विकल्प चुनने का मौका दिया जा सकता है, सविदा कमी को नही। दूसरी वात यह कि शिक्षा मित्र जव शिक्षक वने थे तो उसी जिले मे दूसरे स्कूल में तैनाती दी गई थी। अव अगर शादी दूसरे जिले मे हो गई है तो वहा कैसे भेजा जा सकता है? इसे ध्यान में रखते हुए शासनादेश मे सशोधन को लेकर भी अधिकारियो मे मंथन चल रहा है। इसी वजह से तबादलो में देरी हो रही है।
Basic Shiksha Khabar | PRIMARY KA MASTER | SHIKSHAMITRA | Basic Shiksha News | Primarykamaster | Updatemarts | Primary Ka Master | Basic Shiksha News | Uptet News | primarykamaster | SHIKSHAMITRA






