लखनऊ। परिषदीय प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूलों में छात्र-शिक्षक अनुपात के फेर में फंसे दंपत्ति शिक्षक तबादले के लिए किए गए आवेदन वापस ले रहे हैं। जिलों में बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में शनिवार को ऐसे शिक्षक पहुंचे और वह तबादले के लिए भरे गए आवेदन फॉर्म को वापस लिया। बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से चार जून को जारी आदेश में बिंदु संख्या चार में स्थिति स्पष्ट की गई। इसके मुताबिक यदि पति-पत्नी दोनों परिषदीय स्कूलों में शिक्षक हैं और उनमें से किसी एक ने स्थानांतरण के लिए आवेदन किया है, तो जिस जिले में शिक्षक छात्र अनुपात न्यूनतम होगा वहां दोनों में किसी एक का स्थानांतरण होगा। किया जाएगा। शासनादेश के आधार पर बेसिक शिक्षा परिषद ने पांच जून को जो आदेश जारी किया उसमें इसे ढंग से स्पष्ट नहीं किया गया।
पिछले 10 वर्षों बाद पति-पत्नी शिक्षकों के स्थानांतरण खोले गए हैं। पूरे प्रदेश में करीब चार हजार आवेदन दंपत्ति नीति के तहत आए। इस नए आदेश के बाद बड़ी संख्या में आवेदन बीएसए कार्यालय में वापस लिए जा रहे हैं। बीएसए द्वारा इस आवेदन को बेसिक शिक्षा परिषद भेजने की अंतिम शनिवार रात्रि 12 बजे तक थी। दंपत्ति शिक्षक संघ उत्तर प्रदेश के कोषाध्यक्ष सुनील कुमार यादव ने छात्र-शिक्षक अनुपात की बाध्यता खत्म करने की मांग की है। पति व पत्नी में किसी एक के आवेदन पर दूसरे का स्थानांतरण न करने की मांग की है।
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