कैशलेस इलाज में भेदभाव का आरोप, शिक्षणेत्तर कर्मचारियों ने किया प्रदर्शन
लखनऊ। कैशलेस चिकित्सा सुविधा का लाभ न मिलने से नाराज अशासकीय सहायता प्राप्त (एडेड) माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षणेत्तर कर्मचारियों ने शिक्षा भवन स्थित जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय पर प्रदर्शन किया। धरने का नेतृत्व जिलाध्यक्ष अनुप कुमार द्विवेदी ने किया।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि 5 सितंबर 2025 को मुख्यमंत्री ने उच्च, माध्यमिक और बेसिक शिक्षा के शिक्षकों समेत बेसिक शिक्षा कर्मियों व रसोइयों को कैशलेस चिकित्सा योजना से जोड़ने की घोषणा की थी। इसके बावजूद शासनादेश जारी होने पर माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत तृतीय और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को इस योजना से बाहर कर दिया गया।
शिक्षणेत्तर कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि लोकसभा और विधानसभा चुनाव, एमआईडीआर और परिषदीय परीक्षाओं जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में वे नियमित रूप से सेवाएं देते हैं, फिर भी शिक्षकों को योजना का लाभ मिल रहा है, जबकि कम वेतन पाने वाले कर्मचारियों को इससे वंचित रखा गया है।
प्रदर्शनकारियों ने इसे भेदभावपूर्ण निर्णय बताते हुए कहा कि यह आंदोलन का पहला चरण है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द संशोधित शासनादेश जारी नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
Basic Shiksha Khabar | PRIMARY KA MASTER | SHIKSHAMITRA | Basic Shiksha News | Primarykamaster | Updatemarts | Primary Ka Master | Basic Shiksha News | Uptet News | primarykamaster | SHIKSHAMITRA





