प्रयागराज : संविदाकर्मियों को स्थाई नियुक्त प्रदान किए जाने को लेकर इलाहाबाद सांसद उज्ज्वल रमण सिंह ने आवाज उठाई है।
उनका कहना है कि वर्ष 2025 के अंत तक सरकार भारत को क्षय रोग मुक्त घोषित करने की बात कह रही है। राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम को सफलता तक पहुंचाने के लिए तन-मन से 15-20 वर्षों से समर्पित संविदा पर कार्यरत हजारों कर्मियों की समस्याओं व उनके भविष्य के
प्रति उनकी आशंकाओं की ओर सरकार का ध्यान नहीं जा रहा है।
इलाहाबाद सांसद उज्ज्वल रमण सिंह ने कहा कि संविदाकर्मियों का भविष्य अंधकारमय नजर आ रहा है। इसके कारण वे मानसिक रूप से पीड़ित एवं व्यथित हैं। भविष्य के प्रति अनिश्चितता के कारण इनकी कार्य क्षमता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।
क्षय रोग मुक्त भारत की घोषणा के पश्चात भी इनकी सेवाएं निरंतर जारी रहेगी या
समाप्त कर दी जाएगी। सेवाओं में गुणात्मक परिवर्तन किया जाएगा या अन्य किसी स्थान पर समायोजित किया जाएगा। इस बारे में अभी तक कोई स्थिति सरकारी द्वारा स्पष्ट नहीं की गई है।
उन्होंने कहा कि देश में विशेष रूप से उत्तर प्रदेश में संविदा पर कार्यरत हजारों संविदाकर्मियों की समस्याओं और उनके भविष्य को ध्यान में रखते हुए इन्हें स्थाई नियुक्ति प्रदान किया जाना बेहद जरूरी है।
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