आज दायर मर्जर याचिका की सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से न्यायालय के समक्ष एक पक्ष रखा गया। सरकार ने अपना डेटा प्रस्तुत करते हुए कहा कि जिन मामलों को पहले मर्जर (Merger) की श्रेणी में रखा गया था, उनमें से कुछ मामलों को अब डिमर्ज (Demerge) कर दिया गया है।
इस पर न्यायालय ने सरकार के प्रस्तुत किए गए आँकड़ों पर आपत्ति जताई। माननीय न्यायालय ने टिप्पणी करते हुए कहा कि सरकार द्वारा दिया गया यह डेटा “रिजिड (Riggid)” प्रतीत हो रहा है और वास्तविक स्थिति को प्रतिबिंबित नहीं करता। न्यायालय ने इस आधार पर सरकार के प्रस्तुत आँकड़ों को स्वीकार करने से इंकार कर दिया।
इसके पश्चात न्यायालय ने मामले की अगली सुनवाई की तारीख 1 सितंबर निर्धारित की है।
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