गोरखपुरः परिषदीय स्कूलों में जहां प्रधानाध्यापक का पद खाली है, वहां अब सबसे वरिष्ठ शिक्षक अस्थायी तौर पर स्कूल की जिम्मेदारी संभालेंगे। बेसिक शिक्षा विभाग ने इस संबंध में सभी बीएसए को निर्देश जारी किए हैं।
निश्शुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम के मानकों के तहत ऐसे स्कूल जिनमें कक्षा एक से पांच तक में 150 से कम तथा कक्षा छह से आठ तक में 100 से कम बच्चे हैं, वहां पदोन्नति की प्रक्रिया पूरी होने तक वरिष्ठतम शिक्षक को प्रभारी प्रधानाध्यापक बनाया जाएगा। यदि वरिष्ठ शिक्षक उपलब्ध नहीं हैं, तो यह जिम्मेदारी अगले कनिष्ठ शिक्षक को बिना किसी अतिरिक्त मानदेय के दी जाएगी। यदि वरिष्ठ सहायक शिक्षक प्रभारी पद की जिम्मेदारी लेने से लिखित रूप में मना करते हैं, तो अगले क्रम के शिक्षक को यह दायित्व दिया जाएगा।
बीएसए को दिए निर्देश में कहा गया है कि जिन विद्यालयों में प्रधानाध्यापक का पद खाली है, वहां प्रभारी प्रधानाध्यापक की नियुक्ति संबंधित बीएसए जिलेवार सहायक शिक्षकों की वरिष्ठता सूची के आधार पर करेंगे। जनपद में वर्तमान समय में प्रधानाध्यापक के 823 पद खाली हैं। बेसिक शिक्षा विभाग के आदेश के क्रम में यहां जल्द से जल्द वरिष्ठ शिक्षक को प्रभार देकर विद्यालय के प्रभावी संचालन की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।
अपर मुख्य सचिव के निर्देश के क्रम में परिषदीय स्कूलों में जहां प्रधानाध्यापक का पद खाली है, वहां वरिष्ठ शिक्षक को अस्थायी तौर पर स्कूल की जिम्मेदारी देने की कवायद शुरू कर दी गई। ताकि विद्यालय संचालन में किसी तरह की कोई परेशानी न हो।
रमेंद्र कुमार सिंह,BSA
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