लखनऊ :
परिषदीय प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूलों में 150 से कम छात्र संख्या होने के बावजूद प्रधानाध्यापकों का समायोजन न किए जाने की मांग की गई है। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ की ओर से बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह से मांग की गई है कि प्रधानाध्यापक न होने से विद्यालयों में व्यवस्था बनाना कठिन होगा। इसलिए इनका समायोजन न किया जाए। पूर्ववर्ती सपा व बसपा सरकारों में भी ऐसे विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को नहीं हटाया गया। मांगें पूरी न हुईं तो संघ इसके विरोध में आंदोलन करेगा।
उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष डा. दिनेश चंद्र शर्मा का कहना है कि ऐसे विद्यालयों में सहायक अध्यापक को प्रभारी प्रधानाध्यापक बनाए जाने पर कोर्ट के आदेश के बावजूद उन्हें प्रधानाध्यापक का वेतन नहीं दिया जाता है जो कि पूर्णतया गलत है। वहीं ऐसे प्रधानाध्यापक जिनके रिटायर होने में दो वर्ष बचे हैं, उनका समायोजन न किया जाए।
Basic Shiksha Khabar | PRIMARY KA MASTER | SHIKSHAMITRA | Basic Shiksha News | Primarykamaster | Updatemarts | Primary Ka Master | Basic Shiksha News | Uptet News | primarykamaster | SHIKSHAMITRA






